भोपाल।  
मध्यप्रदेश में लंबे समय से प्रतीक्षित निगम-मंडल नियुक्तियों को लेकर सियासत गरमा गई है। इस बीच बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष  हेमंत खंडेलवाल के एक बयान ने कई दिग्गज नेताओं की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। दरअसल, मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में खंडेलवाल ने साफ संकेत दिया कि चुनाव हार चुके नेताओं को निगम-मंडल में जगह मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि पार्टी हारे हुए चेहरों को निगम-मंडल का ताज देने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में विधानसभा चुनाव हारकर बैठे कई बड़े नेताओं का सपना टूट सकता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि निगम-मंडल में नियुक्ति को लेकर कई दिग्गज नेता उम्मीद लगाए बैठे हैं। इनमें इमरती देवी, अरविंद भदौरिया, कमल पटेल और नरोत्तम मिश्रा जैसे कद्दावर नेताओं के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष के बयान के बाद इन नेताओं की संभावनाएं कमजोर मानी जा रही हैं। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि प्रदेश संगठन अपनी ओर से नाम लगभग तय कर चुका है और अब सूची पर अंतिम मुहर केंद्रीय नेतृत्व लगाएगा। इसके बाद ही निगम-मंडल की बहुप्रतीक्षित सूची जारी होगी। प्रदेश अध्यक्ष के मुताबिक पार्टी पहले संगठन से जुड़ी सभी नियुक्तियां पूरी करना चाहती है। एल्डरमैन की नियुक्तियों के बाद ही निगम-मंडल के पदों की घोषणा की जाएगी।
युवाओं को मिलेेगा मौका 
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए योग्य नेताओं और युवा चेहरों को मौका दिया जा सकता है। पार्टी का फोकस ऐसे कार्यकर्ताओं पर है जो संगठन में सक्रिय रहे हैं और भविष्य की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उधर, नई प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक अप्रैल में आयोजित की जाएगी। इसके बाद हर तीन महीने में नियमित रूप से प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी।
नए और सक्रिय चेहरों पर दांव लगाएगी पार्टी 
अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस बात पर टिकी है कि निगम-मंडल की सूची कब जारी होगी और उसमें किन नेताओं को जिम्मेदारी मिलती है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के बयान के बाद यह साफ संकेत मिल गया है कि इस बार पार्टी दिग्गजों से ज्यादा नए और सक्रिय चेहरों पर दांव लगा सकती है।