भोपाल। 
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार पर घोषणा पत्र के वादे पूरे न करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो वादे किए थे, वे दो वर्ष बाद भी अधूरे हैं। अगर प्रदेश आत्मनिर्भर और सक्षम बन रहा है तो लगातार कर्ज लेने की जरूरत क्यों पड़ रही है? सरकार 2047 के सपने दिखा रही है, लेकिन वर्तमान समस्याओं पर ठोस काम नजर नहीं आता। सिंघार ने कहा कि योजनाएं कागजों में बनती हैं, लेकिन उनके लिए पर्याप्त बजट का प्रावधान नहीं किया जाता। “जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी भागीदारी के आधार पर बजट तय होगा, तभी योजनाएं जमीन पर दिखेंगी,” उन्होंने कहा। विधानसभा सत्र को लेकर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि कम बैठकें होने से विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलता। उन्होंने मांग की कि साल में 50 से 60 बैठकें हों, ताकि गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा हो सके। सरकार पर महत्वपूर्ण मुद्दों से बचने का आरोप लगाते हुए सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा प्रकरण, बेरोजगारी, गरीबी, कफ सिरप मामले और बढ़ते कर्ज जैसे विषयों पर सार्थक चर्चा नहीं होने दी गई। “सरकार विपक्ष की नहीं, जनता की आवाज दबाना चाहती है,” उन्होंने कहा। सिंघार ने स्पष्ट किया कि विपक्ष आने वाले दिनों में सदन के हर मिनट का उपयोग जनहित के मुद्दे उठाने के लिए करेगा और सरकार से जवाब मांगेगा।