'चीता संरक्षण, धार्मिक पर्यटन और कृषि को समर्पित ये बजट', सीएम मोहन यादव की आई प्रतिक्रिया
भोपाल।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट पेश होने के बाद कहा कि प्रदेश सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेज़ गति से आगे बढ़ रही है और मध्यप्रदेश भी विकास की नई रफ्तार पकड़ चुका है। उन्होंने कहा कि यह बजट पर आधारित है और इसमें 'I' यानी Industry को जोड़कर इसे विकास और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। सीएम ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक वर्ष का बजट नहीं, बल्कि आगामी दो वर्षों के विकास की रूपरेखा तय करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट “समृद्ध मध्यप्रदेश, सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और संस्कृतिमय मध्यप्रदेश” के ध्येय वाक्य को साकार करने वाला है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मंजरे-टोले तक सड़कों का विस्तार किया जा रहा है, जिसके लिए 21,630 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही ‘द्वारका योजना’ नाम से एक नई योजना शुरू की गई है, जिसके लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है, जिसमें दो वर्षों का खाका प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2026–27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष को कृषि को समर्पित किया गया है और किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि राज्य 30 फीसदी ग्रोथ रेट के साथ आगे बढ़ रहा है। पूंजीगत व्यय में बेहतर प्रबंधन किया गया है और एक रुपये का भी टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है। प्रदेश में पर्यटन को भी नई ऊंचाइयां मिल रही हैं और साढ़े 13 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश घूमने आए हैं। धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। वन्यजीव संरक्षण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ चीते और मध्यप्रदेश आ रहे हैं तथा प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। साथ ही जंगली भैंस को भी मध्यप्रदेश में दोबारा बसाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाड़ली बहनों के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी।

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