भोपाल। 
राजधानी भोपाल में नगर निगम के सहयोग से प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में असलम चमड़ा द्वारा संचालित आधुनिक स्लॉटर हाउस में गोवध की एसआईटी जांच कर रही है। एसआईटी असलम से गोमांस को भैंस के मांस के नाम पर देश के साथ विदेशों तक सप्लाई करने के संबंध में पूछताछ कर रही है। इस बीच, एसआईटी को बड़ी जानकारी हाथ लगी है कि भोपाल और उसके आसपास के जिलों में पिछले एक साल में जितने भी गो तस्कर और गोकशी के आरोपी पकड़े गए हैं, उनमें से अधिकांश के संपर्क असलम चमड़ा से हैं। इस खुलासे के बाद जांच की दिशा में अहम खुलासा माना जा रहा है।  असलम चमड़ा और उसका वाहन चालक शोएब को भोपाल पुलिस की रिमांड पर लेकर गोमांस की सप्लाई के संबंध में पूछताछ कर रही है। एसआईटी के सामने बयान दर्ज कराने पहुंचे हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस मुख्यालय के सामने 26 टन गोमांस से भरा ट्रक हम लोगों द्वारा पकड़ा गया था। उसके बाद असलम चमड़ा के बाउंसर और कर्मचारी धमकाने पहुंच गए थे। साथ ही पुलिसकर्मी भी उन्हीं की भाषा बोल रहे थे। पुलिस के अधिकारियों और असलम चमड़ा के लोगों ने धमकी दी थी कि अगर मांस से भरा यह कंटेनर नहीं जाने दिया और मांस खराब हो गया तो 26 टन मांस की कीमत करीब 80 लाख रुपये सभी लोगों से वसूली जाएगी। पुलिस भी इस धमकी में पूरी तरह से शामिल थी, इसके बाद कंटेनर को छुड़ाकर ले गए थे। 
असलम नहीं खोल रहा मुंह
स्लॉटर हाउस संचालक असलम चमड़ा को भले ही भोपाल पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है, लेकिन असली कहानी उससे नहीं उगलवा पा रही है या ठीक से पूछताछ नहीं कर रही है। इस बीच एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। असलम चमड़ा सीसीटीवी कैमरों में गोकशी से बचने के लिए भोपाल और आसपास चार-छह की संख्या में गायों को अलग-अलग स्थानों पर कटवाने के साथ स्लॉटर हाउस के पिछले दरवाजे से मांस को स्लॉटर हाउस में मंगवाता था। इसके बाद मांस की बेहतर सफाई करने के बाद अत्याधुनिक मशीनों से एयर प्रूफ पैकेट में उक्त मांसों को पैक कर देश के साथ विदेशों तक बेचा जाता था। पुलिस इन तथ्यों को तस्दीक करने में जुटी है। 
यह है पूरा मामला 
भोपाल में पुलिस मुख्यालय के सामने बीते वर्ष 17-18 दिसंबर की दरमियानी रात एक एसी कंटेनर को बजरंग दल और हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने पकड़ा था। इसके पहले दो एसी कंटेनर निकल चुके थे। उत्तर प्रदेश नंबर वाले जिस एसी कंटेनर को पकड़ा गया था, उसमें भोपाल स्लॉटर हाउस से निकला 26 टन मांस पैकेटों में लदा हुआ था। 26 टन मांस गोमांस होने का आरोप लगाते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एक युवक को भी हिरासत में लेकर पुलिस को सौंपा था। बाद में मांस के सैंपल लेकर कंटेनर को रवाना कर दिया गया था। आठ जनवरी को मथुरा की लैब से आई रिपोर्ट में उक्त मांस गोमांस निकला। इसके बाद भोपाल में हंगामा मच गया। स्लॉटर हाउस को स्थाई रूप से सील कर वहां पदस्थ नगर निगम के डॉक्टर बेनी प्रसाद गौर और आठ अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।