भोपाल।
मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों में पदस्थ कलेक्टर और एसपी से दो टूक शब्दों में बात की है। साथ ही सीएस ने मीटिंग में खुलकर कहा है कि सीएम कहते हैं कि कोई भी कलेक्टर बिना पैसे लिए काम ही नहीं करते हैं। साथ ही जिलों में रिश्वतखोरी के उन्होंने कुछ उदाहरण भी दिए हैं। इसे लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य सचिव ने की खरी बातें
दरअसल, सीएम मोहन यादव इन दिनों दावोस के दौरे पर हैं। बुधवार को मुख्यसचिव अनुराग जैन ने जिलों के कलेक्टर और एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जरिए मीटिंग की थी। मीटिंग के दौरान कामकाज को लेकर मुख्य सचिव ने सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार का किस्सा सुनाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्होंने सीएम का नाम लेते हुए कहा कि वह कहते हैं कि जिले में कलेक्टर बिना रुपए लिए काम नहीं करते हैं।
मैंने कहा हटा दीजिए उन्हें
हालांकि सीएस अनुराग जैन ने यह भी कहा कि मैंने सीएम कहा कि ऐसी बात नहीं है। मैंने उनसे कहा कि जो भी भ्रष्टाचार कर रहा है कि उसे हटा दीजिए। वहीं, सीएस जब ऐसी बातें कर रहे थे तो मीटिंग में जुड़े सारे कलेक्टर सकते में आ गए हैं।
भ्रष्टाचार का एक किस्सा सुनाया
उन्होंने नामांतरण से जुड़े भ्रष्टाचार का एक किस्सा सुनाया है। उस शिकायत में लिखा था कि काम के बदले रुपए मांगे जा रहे हैं। इसके बाद सीएस ने जांच के लिए उसे कलेक्टर को भेजा। कलेक्टर के यहां से जांच रिपोर्ट आई और उसमें कहा गया कि शिकायत गलत है। इधर से कलेक्टर की रिपोर्ट उस शिकायतकर्ता तक भेज दी गई। शिकायतकर्ता ने भी पलटकर जवाब दिया कि एसडीएम और पटवारी आए थे, 7.50 लाख रुपए में लेनदेन तय करके गए हैं। बाद में वहां एडीएम को भेजा गया तो मामला सही निकला।
ऐसे बातें सुनकर मीटिंग में मौजूद अधिकारी स्तब्ध थे। यही हाल सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों में भी है। एल-1 और एल-2 स्तर तक कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इसकी वजह से शिकायतें बढ़ती जा रही है।
अशोकनगर कलेक्टर की हो गई छुट्टी
रिव्यू मीटिंग के बाद रात में अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह की छुट्टी हो गई है। आदित्य सिंह पर कथित रूप से रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। आरोप आनंद धाम ट्रस्ट से जुड़ा हुआ था। इसकी शिकायत दिल्ली तक पहुंची थी। सीएम की अनुपस्थिति में कलेक्टर को हटाया गया है। अब साकेत मालवीय को वहां की कमान सौंपी गई है।