मोहन कैबिनेट के विस्तार की अटकलें तेज! नए चेहरों को मिल सकता है मौका, खतरे में 4 मंत्रियों की कुर्सी
भोपाल ।
मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के साथ ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कैबिनेट विस्तार और नई नियुक्तियों की प्रक्रिया नए साल में शुरू होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों के कामकाज का विस्तृत ‘रिपोर्ट’ तैयार की जा रही है, जो आगामी कैबिनेट विस्तार का मुख्य आधार बनेगा।
परफॉर्मेंस के आधार पर फैसला
जानकारी के अनुसार, बीते दो वर्षों के कार्यकाल की परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर मंत्रियों की समीक्षा की गई है। इसमें कुछ मंत्रियों को बेहतर अंक मिले हैं, जबकि कुछ का प्रदर्शन कमजोर आंका गया है। खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है, वहीं अच्छा प्रदर्शन करने वालों की जिम्मेदारियां और बढ़ाई जा सकती हैं। बताया जा रहा है कि आगामी दिनों में एक बार फिर मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा होगी, जिसके बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
तीन से चार मंत्रियों की छुट्टी संभव
सूत्रों का कहना है कि डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट से तीन से चार मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। इनके स्थान पर नए और अपेक्षाकृत सक्रिय चेहरों को मौका दिए जाने की तैयारी है। विवादों में रहे चार–पांच मंत्रियों के नाम भी चर्चा में हैं, जिन पर गाज गिर सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से हालिया मुलाकात के बाद इन अटकलों को और बल मिला है।
नए चेहरों और वरिष्ठ विधायकों की एंट्री
वर्तमान में 31 सदस्यीय मंत्रिमंडल में चार मंत्री पद रिक्त हैं। इन्हें भरने के साथ-साथ कैबिनेट का संतुलन साधने पर भी जोर दिया जा रहा है। क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए करीब एक दर्जन नेताओं के नाम चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक, कई वरिष्ठ विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा दो महिला विधायकों को भी कैबिनेट में जगह दिए जाने की संभावना है। वहीं खराब परफॉरमेंस और विवादों से घिरे मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है।
संगठन में बदलाव के संकेत
कैबिनेट फेरबदल के साथ संगठनात्मक स्तर पर भी बदलाव हो सकते हैं। कुछ मौजूदा मंत्रियों को संगठन में अहम जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। वहीं कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए एक पूर्व विधायक को भी मंत्री पद की पेशकश पर विचार चल रहा है। कुल मिलाकर, 2026 से पहले मोहन यादव सरकार बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में नजर आ रही है, जिसमें परफॉर्मेंस, संतुलन और नए नेतृत्व को प्राथमिकता दी जाएगी।

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