भोपाल ।
मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के बीच स्थाई और अस्थाई पदों के बीच का अंतर खत्म हो गया है. राज्य सरकार ने कर्मचारियों के बीच अलग-अलग 10 पद नामों को घटाकर सिर्फ 5 पदनाम कर दिए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को सामान्य प्रशासन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल लाइन के लिए 90 करोड रुपए के अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है.
स्थाई और अस्थाई पदों का अंतर समाप्त
कैबिनेट में मैं हुए निर्णय की जानकारी देते हुए उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने बताया "कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किया गया है. वित्त विभाग के प्रस्ताव पर प्रदेश के कर्मचारियों के पदों से संबंधित नियम दिशा-निर्देश जारी करने स्थाई और अस्थाई पदों का अंतर समाप्त करने के संबंध में चर्चा की गई."