भोपाल। 
खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी और डायवर्जन यानी गलत जगह सप्लाई के खिलाफ की गई कार्रवाई में मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से 28 नवंबर 2025 के बीच मध्य प्रदेश में कुल 91 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि 204 खाद विक्रेताओं और संस्थानों के लाइसेंस निलंबित या रद्द किए गए।
यूपी सबसे आगे, एमपी टॉप-3 में
देशभर के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश में खाद की कालाबाजारी, खराब क्वालिटी, गलत जगहों पर सप्लाई जैसे मामलों को लेकर 197 एफआईआर दर्ज की गईं, जो देश में सबसे ज्यादा हैं। राजस्थान 103 एफआईआर के साथ दूसरे स्थान पर रहा। वहीं, 91 एफआईआर दर्ज कर मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है।
एमपी में किस तरह की कार्रवाई हुई
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अप्रैल से 28 नवंबर 2025 के बीच 5,581 निरीक्षण और छापे की कार्रवाइयां की गई। इस दौरान एमपी में 204 लाइसेंस सस्पेंड और रद्द किए गए। कालाबाजारी के साथ-साथ खाद के डायवर्जन (गलत जगह सप्लाई) और घटिया गुणवत्ता के मामलों में भी कार्रवाई हुई।