भोपाल।
पुलिस की मिलीभगत से मध्य प्रदेश में बांग्लादेश के नागरिकों का भारतीय पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड सब कुछ रेडी हो रहा है. सुनकर आपको यकीन नहीं होगा मगर यह सच है. राजधानी भोपाल में 2 बांग्लादेशी नागरिकों ने फर्जी दस्तावेज़ों का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया. इसके बाद फरार आराम से देश छोड़कर चले भी गए मगर किसी को कानोकान भनक भी ना हुई. मामला खुला तो हड़कंप है. फेक कागजातों के साथ साथ कैसे पुलिस विभाग विदेशी को देसी बना रहा है इसका राज खुला.
पुलिस वैरिफिकेशन का गजब मामला
पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही विदेश मंत्रालय की तरफ से पासपोर्ट कार्यालय किसी भारतीय नागरिक को पासपोर्ट जारी करता है. भोपाल में जो मामला सामने आया है उससे पुलिस वेरिफिकेशन की कलई खुल गई है. इसके साथ ही कई विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. अब जब बांग्लादेशी नागरिक नहीं मिल रहे तो पुलिस का दावा है कि वो दोनों फरार विदेशी नागरिकों की तलाश में जुटी है.
भोपाल के कोलार में किराये पर रहते थे
पुलिस के अनुसार दोनों विदेशी नागरिक कोलार इलाके में किराए के मकान में रह रहे थे. दोनों ने स्थानीय स्तर पर फर्जी आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज़ तैयार करवा लिए. इन दस्तावेज़ों का उपयोग कर उन्होंने पासपोर्ट जारी करा लिए. आश्चर्यजनक रूप से इस पूरी प्रक्रिया में सत्यापन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जो पासपोर्ट विभाग और पुलिस दोनों की भूमिका पर सवाल खड़ा करती है. मामले का खुलासा तब हुआ, जब सुरक्षा एजेंसियों को दस्तावेज़ों की जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली.
एड्रेस वेरिफिकेशन में लापरवाही
इसके बाद कोलार थाना पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और एफआईआर दर्ज की. पुलिस अब दोनों बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश में जुट गई है और उनके संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मामले की निगरानी कर रहे हैं. प्राथमिक जांच में यह साफ हुआ है कि लोकल स्तर पर किए जाने वाले एड्रेस और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते विदेशी नागरिकों को आसानी से भारतीय पहचान पत्र और पासपोर्ट मिल गया.