भोपाल। 
भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सोमवार से तीन दिवसीय पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यशाला चल रही है। इस वर्कशॉप का आज दूसरा दिन है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कार्यशाला में राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष चंदर सिंह सौंधिया द्वारा पंचायती राज प्रतिनिधियों के अधिकारों को लेकर सीएम के सामने उठाई गई बात पर सीएम डॉ. मोहन यादव और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल को खुली बहस की चुनौती दी है। भोपाल में अपने आवास पर मीडिया से चर्चा में राज्यसभा सांसद और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा को 22 साल बाद पंचायत प्रतिनिधियों को अधिकार देने की याद आई है। दिग्विजय ने कहा- हमने सोचा था कि इस प्रकार के अधिकार देंगे जिससे अधिकारी-कर्मचारी उनके नियंत्रण में आएं। लेकिन, उनकी केवल एक घोषणा हुई है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत उपाध्यक्ष जो शिक्षा समिति के कानूनन अध्यक्ष होते हैं, उनको निरीक्षण करने का अधिकार दिया गया है। लेकिन, उनके निरीक्षण पर कार्रवाई का अधिकार अधिकारियों के पास है।
सीएम से ज्यादा पटेल को पंचायतों की समझ
दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि मुझे सीएम मोहन यादव के मुकाबले पंचायत मंत्री प्रह्लाद पटेल से ज्यादा उम्मीद थी क्योंकि वे ग्रामीण परिवेश के हैं। पंचायत का जितना अनुभव प्रह्लाद पटेल को होगा उतना मोहन यादव को नहीं होगा। क्योंकि प्रहलाद पटेल गांव के व्यक्ति हैं और मोहन यादव तो शहरी उज्जैन के रहने वाले हैं। तो पंचायतों का जितना अनुभव प्रहलाद पटेल को होगा उतना मोहन जी को नहीं होगा।
लेकिन, मुझे इस बात का दुख है कि उनके कार्यकाल में भी खुलेआम प्रदेश स्तर पर कमीशनखोरी हो रही। जो पैसा सीधा पंचायत के पास जाना चाहिए वो नहीं जा रहा।
कमीशन जमा करने के बाद भी सरपंचों को फंड नहीं मिल रहा
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने आरोप लगाया कि इससे पहले जो पंचायत मंत्री थे महेंद्र सिसोदिया उन्होंने सिस्टम बना दिया था कि "20 % दे जाओ और मंजूरी ले जाओ" वो आज भी कायम है। मेरे चुनाव क्षेत्र राजगढ़ के कई सरपंचों ने बताया कि उन्होंने एडवांस बुकिंग भी कर दी। 20 फीसदी कमीशन जमा भी कर दिए, लेकिन पैसा उन्हें नहीं मिला। दिग्विजय सिंह ने कहा मंत्री जी और मुख्यमंत्री जी कम से कम इतना तो कर दें कि जिन बेचारे सरपंचों के पैसे आपकी भाजपा के खजाने में जमा हो गए हैं वो कौन सा विंध्य भवन है उस विंध्य भवन में जमा होने के बाद भी इनको किश्त नहीं मिल रही है। बाकी आपसे कोई उम्मीद नहीं हैं।