बड़े-बड़े दावे… और नतीजों में हवा टाइट, तेजस्वी ने दोहराई नकुलनाथ की वही घातक गलती
भोपाल।
चुनाव आते ही देश की राजनीति में गजब का रोमांच आ जाता है। चाहे वह देश के किसी भी कोने में हो। इन चुनावों में कुछ नेता जमीन पर रहकर काम करते हैं, जबकि कुछ भाषण के साथ हवा का रुख मोड़ने की जादुई कला दिखाते हैं। अभी नतीजों की स्याही कागज पर उतरी भी नहीं होती, एग्ज़िट पोल पर भी जो पार्टियां पीछे रहती हैं, वो कुछ भी बोलकर उन्हें झुठला देते हैं। इसी बीच कई नेता अपने अति-आत्मविश्वास के घोड़ों पर सवार होकर ऐसे बयान दे डालते हैं, मानो जनता ने उन्हें पहले ही ताज पहना दिया हो।
भारी पड़ जाता है बड़बोलापन
चेहरे पर मुस्कान, आंखों में 'हम जीत चुके’ की चमक, माइक और मंचों से भारी-भरकम ऐलान, लाइन वही कि हमें 'लोगों ने अपार समर्थन दिया है… सरकार तो हमारी ही बनेगी… विरोधी तो मुकाबले में थे ही नहीं…' लेकिन लोकतंत्र की असली खूबसूरती यही है कि यह किसी की हवा नहीं देखता, यह अपने हिसाब से बहता है। जब ईवीएम खुलती है, तब वही बयान, जो नतीजों से पहले दिए गए थे, नतीजों के दिन मीम बनकर सोशल मीडिया में घूमते नजर आते हैं।
बिहार चुनाव में हो रही फजीहत
विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने नतीजों से लगभग 4 दिन पहले ही यह दावा कर दिया कि महागठबंधन 18 नवंबर को बिहार में सरकार बनाएगा और वे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। तेजस्वी यादव ने कहा कि एनडीए विधानसभा चुनाव जीतने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए चुनाव आयोग और केंद्रीय पुलिस बल की मदद ले रहा है। इसके बावजूद, महागठबंधन की सरकार बनेगी और वे 18 नवंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

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