बालाघाट। 
प्रदेश के बालाघाट जिले में हॉकफोर्स में सहायक सेनानी के रूप में पदस्थ रहे डीएसपी संतोष कुमार पटेल की विदाई का भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महज 17 महीने के कार्यकाल में उन्होंने ग्रामीणों, विशेषकर आदिवासी समुदाय के बीच ऐसी पहचान बनाई कि उनके तबादले पर सात गांवों के लोग नम आंखों से विदा करने पहुंच गए। डीएसपी संतोष कुमार पटेल का तबादला भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) कोतवाली के पद पर हुआ है। जैसे ही उनके स्थानांतरण की खबर क्षेत्र में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके सम्मान में एकत्र हो गए। लोगों ने उन्हें किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह विदाई दी।
बैलगाड़ी पर निकली विदाई यात्रा
ग्रामीणों ने अपनी परंपरा और संस्कृति का सम्मान करते हुए डीएसपी संतोष पटेल को पीला गमछा पहनाया, पौधा भेंट किया और पारंपरिक बैलगाड़ी पर बैठाकर पूरे गांव में सम्मान यात्रा निकाली। इस दौरान तेज बारिश भी लोगों के उत्साह को कम नहीं कर सकी। रास्ते भर ग्रामीणों ने उन्हें रोक-रोककर विदाई दी। कई बुजुर्ग महिलाओं की आंखें नम थीं, जबकि युवाओं और बच्चों ने बैंड-बाजे की धुन पर नृत्य कर उन्हें भावभीनी विदाई दी।
पत्नी की पोस्ट के बाद हुआ तबादला
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले डीएसपी संतोष पटेल की पत्नी रोशनी पटेल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्र में लंबी ड्यूटी के कारण परिवार को हो रही कठिनाइयों का जिक्र किया था। पोस्ट में बच्चों की पढ़ाई और बीमार सास की देखभाल जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया था। इसके बाद उनका तबादला भोपाल कर दिया गया।
17 महीने में बनाई अलग पहचान
ग्रामीणों के अनुसार डीएसपी संतोष पटेल ने अपने करीब 17 महीने के कार्यकाल में नशामुक्ति अभियान, शिक्षा के प्रति जागरूकता और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों का विश्वास जीता। यही वजह रही कि उनके स्थानांतरण पर सात गांवों के लोग उन्हें विदा करने उमड़ पड़े। डीएसपी की यह भावुक विदाई इस बात का उदाहरण बन गई कि जब पुलिस जनता के बीच संवेदनशीलता और विश्वास के साथ काम करती है, तो लोगों के दिलों में अपनी अलग पहचान बना लेती है।