अहमदाबाद। 
गुजरात के अहमदाबाद की सिविल एवं सत्र अदालत में मंगलवार को अचानक अफरा-तफरी मच गई। यहां एक शिकायतकर्ता ने गुस्से में आकर अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश एम.पी. पुरोहित पर अपने दोनों जूते फेंक दिए। मामला 1997 के एक मारपीट के मामले से जुड़ा है। केस में चार आरोपियों को बरी किए जाने की खबर सुनकर वह भड़क गया और जूते उतारकर जज पर फेंके। यह घटना भद्रा अदालत परिसर में दोपहर के आसपास हुई। वह व्यक्ति सत्र अदालत में मौजूद था। 1997 में गोमतीपुर इलाके में क्रिकेट मैच के दौरान हुए झगड़े में उसके पिता पर हमला किया गया था। कोर्ट ने आरोपी चार लोगों को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा।
क्या था मारपीट का केस
यह मामला 1997 का है जब उस व्यक्ति के पिता को सब्ज़ी खरीदते समय क्रिकेट की गेंद लग गई थी। इसके बाद हाथापाई हुई और पिता पर कथित तौर पर हमला किया गया। इस मामले में चार लोगों पर आरोप लगाए गए थे। 2017 में, एक महानगरीय अदालत ने सभी चार आरोपियों को बरी कर दिया। सोमवार को, सत्र न्यायालय ने बरी करने के फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद जूता-हमले की घटना हुई।
जज को दी गालियां
सरकारी वकील सुधीर ब्रह्मभट्ट के अनुसार, उस व्यक्ति ने हंगामा किया और न्यायिक अधिकारी को गालियां देने लगा। जब पुलिस अधिकारियों और वकीलों ने उसे शांत करने की कोशिश की, तो वह और भड़क गया और एक के बाद एक न्यायाधीश पर अपने जूते फेंकने लगा। इस घटना में न्यायाधीश को कोई चोट नहीं आई।
जज ने केस से किया इनकार
ब्रह्मभट्ट ने बताया कि हमले के बावजूद, न्यायाधीश ने उस व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया। जब करंज पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी अदालत कक्ष में पहुंचे और उस व्यक्ति को हिरासत में लिया, तो न्यायाधीश ने अनुरोध किया कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई न की जाए।