शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना की 'कानूनी क्लास': एक महीने में दूसरी बार HC की बड़ी फटकार!
जबलपुर/शाजापुर।
शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासनिक हलकों में उस वक्त सन्नाटा खिंच गया जब माननीय हाई कोर्ट ने एक महीने के भीतर दूसरी बार कलेक्टर को आड़े हाथों लिया। कोर्ट की तल्खी इस कदर थी कि उन्होंने सीधे कलेक्टर के 'लीगल नॉलेज' (कानूनी ज्ञान) पर ही सवालिया निशान खड़ा कर दिया।
HC की दो टूक
पिछली फटकार की गूँज अभी थमी भी नहीं थी कि नए मामले ने आग में घी का काम किया। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त लहजे में कहा:"क्या आपको कानून की बुनियादी समझ नहीं है? एक के बाद एक गलतियां प्रशासन की साख गिराती हैं।"
क्यों घिरीं कलेक्टर ऋजु बाफना?
कोर्ट इस बात से नाराज दिखा कि जिला प्रशासन बार-बार स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं (Due Process of Law) को ताक पर रखकर फैसले ले रहा है। जज ने टिप्पणी की कि पद की गरिमा और शक्ति का मतलब यह नहीं कि आप कानून से ऊपर हो जाएं। एक महीने में दो बार फटकार मिलना यह दर्शाता है कि प्रशासनिक आदेशों को ड्राफ्ट करते समय कानूनी बारीकियों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
प्रशासनिक साख पर सवाल?
ऋजु बाफना अपनी कड़क कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं, लेकिन हाई कोर्ट की इस 'डबल स्ट्राइक' ने उनकी वर्किंग स्टाइल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि अगर इसी तरह की गलतियां दोहराई गईं, तो सरकार को भी इस पर संज्ञान लेना पड़ सकता है। ज्ञात हो कि अभी कुछ ही दिन पहले एक अन्य मामले में भी हाई कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराते हुए खिंचाई की थी। एक महीने में दो बार कोर्ट की 'रडार' पर आना किसी भी जिले के मुखिया के लिए रिकॉर्ड जैसा ही है, पर नकारात्मक रूप में।

सूरत मेट्रो का काउंटडाउन: ड्रीम सिटी से अल्थान के बीच पटरियों पर दौड़ी ट्रेन, ट्रायल रन शुरू।
आधी रात को जारी हुई 17 IAS अफसरों की सूची; 5 DDC को मिला प्रमोशन, अब संभालेंगे जिलों की बागडोर।
नक्सलवाद के 'अंतिम कमांडर' पर सुरक्षाबलों का अंतिम प्रहार, रसद और हथियार की सप्लाई ठप।
IMD का अलर्ट: झारखंड में हीटवेव की दस्तक, रांची समेत इन इलाकों में चलेगी भीषण लू।
ऐतिहासिक दौरा: पहली बार भारत-श्रीलंका को छोड़ सीधे नेपाल पहुँच रहे हैं अमेरिकी राजनयिक कपूर