वर्दी का टशन या अनुशासन की धज्जियां? रीवा में रील बनाना 'नव-आरक्षकों' को पड़ा भारी
रीवा।
खाकी पहनकर कैमरे के सामने 'एक्टिंग' करना रीवा के कुछ नए आरक्षकों को महंगा पड़ गया है। सोशल मीडिया पर Views और Likes की भूख ने इन ट्रेनी पुलिसवालों को ऐसी जगह लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ अब उन्हें 'लाइक' नहीं, बल्कि विभाग का 'कारण बताओ नोटिस' मिल रहा है।
'शक्ल अच्छी नहीं तो क्या हुआ...' डायलॉग पर मचा बवाल
इन नव-आरक्षकों ने वर्दी की मर्यादा भूलकर कुछ ऐसे संवादों पर रील बनाई जो पुलिस महकमे को रास नहीं आए। रील के डायलॉग कुछ इस तरह थे:
"शक्ल अच्छी नहीं है तो क्या हुआ... सरकारी नौकरी तो है ना। पैसा नहीं है तो क्या हुआ... मंथली तो आती है ना। कपड़े नहीं हैं तो क्या हुआ... वर्दी तो है ना।"
विभाग की दो टूक: 'वर्दी तमाशा नहीं है'
जैसे ही यह रील सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैली, पुलिस के आला अधिकारियों ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया। विभाग का मानना है कि खाकी कोई फोटोशूट का सामान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन का प्रतीक है। रील के इन संवादों को 'विभागीय गरिमा' के खिलाफ माना गया है।

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