मोहन कैबिनेट की बैठक से नदारद रहे कैलाश विजयवर्गीय, सियासी गलियारों में तेज हुई अटकलें
भोपाल।
भोपाल में मंगलवार को आयोजित मोहन सरकार की अहम कैबिनेट बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। बैठक में जब कई बड़े फैसलों पर चर्चा हो रही थी, उसी दौरान एक वरिष्ठ और प्रभावशाली मंत्री का न दिखना, अपने आप में सवाल खड़े कर गया। यह पहला मौका नहीं है जब कैलाश विजयवर्गीय सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए नजर आए हों। इससे पहले वे गणतंत्र दिवस के राज्य स्तरीय समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे। बताया जा रहा है कि मंत्री विजयवर्गीय हाल के दिनों में लंबे अवकाश पर रहे हैं। इस दौरान उनकी संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकातें हुईं, वहीं दिल्ली के कई दौरे भी चर्चा में रहे। इन घटनाओं के बाद सियासी गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कोई इसे संगठनात्मक जिम्मेदारी से जोड़कर देख रहा है तो कोई इसे सरकार के भीतर चल रही अंदरूनी हलचलों से जोड़ रहा है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है और सत्ता पक्ष के भीतर सब कुछ ठीक होने के दावों पर सवाल उठा रहा है। फिलहाल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अनुपस्थिति पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीति में कहा जाता है—जहां धुआं होता है, वहां आग भी होती है। ऐसे में पब्लिक है, सवाल तो उठेंगे ही, और कयास भी लगेंगे। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में इस रहस्य से पर्दा उठता है या सस्पेंस और गहराता है।

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