भोपाल। 
भोपाल के देहात एसपी रामशरण प्रजापति पर एक सब इंस्पेक्टर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। सूखी सेवनिया थाने के एसआई केसी यादव ने कहा है कि एसपी ऑफिस में उन्हें गालियां दी गईं। विरोध करने पर धक्के देकर बाहर करने की धमकी मिली। थाने आने के बाद एसआई यादव ने रोजनामचा रिपोर्ट डाल दी। इसकी भनक एसपी प्रजापति को लग गई। उन्होंने दोबारा फोन पर फटकार लगाई। दो अलग-अलग प्रकरण में विभागीय जांच शुरू करा दी गई। एसआई केसी यादव ने सीनियर अफसरों से लिखित शिकायत की है। उन्होंने लिखा है कि यदि न्याय नहीं मिला तो शिकायत को ही सुसाइड नोट मान लिया जाए।
आईजी से लेकर मानवाधिकार आयोग तक को भेजी शिकायत
एसआई केसी यादव ने आईजी, डीजीपी, मुख्यमंत्री और मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी है। इसमें अपने साथ हुई बदसलूकी का जिक्र करते हुए लिखा- 14 सितंबर 2025 को एसपी रामशरण प्रजापति ने आबकारी एक्ट के एक अपराध की डायरी मंगाई थी। मीटिंग के बाद मैंने हाईकोर्ट में भेजने के लिए डायरी वापस मांगी तो एसपी ने इसे गुस्ताखी मानकर अपशब्द कहे और डायरी एसडीओपी मंजू चौहान से लेने के लिए कह दिया। 30 साल की नौकरी में मेरे साथ पहली बार इस तरह का दुर्व्यवहार हुआ है। मैंने व्यथित होकर आत्महत्या का मन बना लिया था, लेकिन स्टाफ के समझाने और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण इरादा बदल दिया। फिर मैंने थाने के रोजनामचे में पूरी घटना दर्ज कर दी।
लिखा- एसपी से महिला अधिकारी भी परेशान
एसआई यादव ने अपनी शिकायत में कई छोटे अफसरों को एसपी प्रजापति की प्रताड़ना का शिकार बताया है। उन्होंने लिखा- महिला अधिकारी भी परेशान हैं, लेकिन डर के कारण कोई सामने नहीं आ रहा है। पिछले चार महीने में एसपी ने मुझे इतना प्रताड़ित किया कि अब दो ही रास्ते बचे हैं। या तो अफसरों को सारी घटना बताकर उनसे न्याय मांगू या आत्महत्या कर लूं। मैंने न्याय के लिए अपनी आपबीती अफसरों के सामने रखी है। यदि न्याय नहीं मिला तो शिकायत को ही सुसाइड नोट मान लिया जाए।