कांग्रेस में 'विवादित' नियुक्तियां: 'सिर तन से जुदा' के नारे लगाने वालों को जीतू पटवारी ने बनाया जिला महामंत्री
सागर।
मध्य प्रदेश के सागर जिला कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई हैं लिस्ट जारी होते ही यह विवादों में फंस गई। दरअसल सूची में दो नाम ऐसे हैं जिन्हें जिला महामंत्री बनाया गया है, लेकिन इन पर मजहबी द्वेष फैलाने और ' सिर तन से जुदा ' जैसे भड़काऊ नारे लगाने पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सूची जारी होते ही यह विवादों में फंस गई। भाजना ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया भी दी है। जानकारी अनुसार एमपी पीसीसी चीफ अध्यक्ष जीतू पटवारी की अनुशंसा के बाद जारी सागर जिला शहर कांग्रेस कमेटी की जिल कार्यकारिणी की लिस्ट ने प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस लिस्ट में ऐसे दो नामों को जिला महामंत्री बनाया गया है, जिन पर मजहबी जुलूस के दौरान विवादित और भड़काऊ नारेबाजी करने का आपराधिक मामला दर्ज है। भाजपा ने नियुक्तियों पर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया है।
कौन हैं, नवनियुक्त महामंत्री, जिनके कारण मचा बवाल
दरअसल बीते ईद मिलादुन्नबी के मौके पर सागर में जुलूस निकाला गया था। इस दौरान 'तीनबत्ती' स्थल पर जुलूस के दौरान ‘सिर तन से जुदा’ के विवादित नारे लगाए गए थे। इस मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए फिरदौस कुरेशी और शाहबाज कुरैशी सहित अन्य के खिलाफ कोतवाली थाने में नामजद एफआईआर दर्ज की थी।
दिखावा साबित हुआ 'अनुशासन का डंडा'?
नारेबाजी के बाद जब विवाद बढ़ा था, तब कांग्रेस ने अपनी छवि बचाने के लिए इन दोनों नेताओं को 'अनुशासनहीनता' का नोटिस थमाया था, लेकिन अब उन्हें संगठन में महामंत्री जैसा बड़ा पद देकर कांग्रेस खुद ही घिर गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस का नोटिस महज जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए था? क्या भड़काऊ नारेबाजी करने वालों को इनाम देना कांग्रेस की नई रणनीति है?
भाजपा के निशाने पर कांग्रेस
जिला शहर कांग्रेस में इस नियुक्ति के बाद अब भाजपा को कांग्रेस पर हमला करने का मौका और बड़ा मुद्दा मिल गया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में भाजपा इसे प्रदेश स्तर पर बड़ा मुद्दा बनाकर कांग्रेस को 'तुष्टीकरण' के मुद्दे पर घेरेगी।

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