MP के सरकारी गोदाम में 'मिट्टी वाली सरसों', पानी में डालते ही घुल गए दाने, NAFED की FIR में 5 अधिकारियों पर गाज
सागर।
मिलावटखोरों से कोई भी चीज अब बची नहीं है। खासकर खाने पीने की चीजों में मिलावट जोरों पर है। मध्य प्रदेश के सागर में रहली के वेयरहाउस में सरसों के नाम पर मिट्टी की मिलावट का एक बड़ा घोटाला सामने आया है। नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड यानी कि NAFED ने सागर जिले के एक गोदाम में रखे सरसों के बीज का पानी से टेस्ट किया तो पता चला कि ये बीज नहीं बल्कि मिट्टी के दाने थे। 17 जनवरी को इस मामले में FIR दर्ज हुई है।
5 अधिकारियों पर FIR
यह घोटाला तब सामने आया जब NAFED ने MP वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन के गोदाम से सरसों की नीलामी की और खरीदार ने माल की गुणवत्ता पर शक जताया। NAFED के भोपाल स्थित डिप्टी मैनेजर, रणजीत कुमार सिंह ने बताया, 'आंखों से देखने पर ये दाने सरसों के बीज जैसे ही लग रहे थे, लेकिन पानी और लैब टेस्ट से पता चला कि ये मिट्टी के बने थे।
केंद्र की MSP पर खरीदी गई थी सरसों
यह घटनाक्रम तब हुआ जब NAFED ने 2024-25 रबी सीजन में रहली, सागर की दो सहकारी समितियों के माध्यम से करीब 8,950 क्विंटल सरसों खरीदी थी। इसमें से 8,600 क्विंटल से ज्यादा की नीलामी हो चुकी थी और करीब 300 क्विंटल गोदाम में ही पड़ा था। केंद्र सरकार की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) योजना के तहत यह सरसों 2,650 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी गई थी।
छत्तीसगढ़ की फर्म को बेची सरसों
जब छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव की एक फर्म को यह सरसों बेची गई और वे माल उठा रहे थे, तब खरीदार को शक हुआ कि माल की गुणवत्ता ठीक नहीं है। इसके बाद NAFED के अधिकारियों ने गोदाम के कर्मचारियों, सहकारी समिति के प्रतिनिधियों और सर्वेक्षकों की मौजूदगी में जांच की। जांच में पता चला कि सरसों के स्टॉक का लगभग 40% हिस्सा मिट्टी के दानों से भरा हुआ था। यह घटना उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि खाने-पीने की चीजों में इस तरह की मिलावट जानलेवा हो सकती है। NAFED ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है और जांच जारी है।

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