एसआईआर की आड़ में चल रहा वोट कटौती का खेल! कांग्रेस ने लहराकर दिखाए सबूत
भोपाल।
भोपाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर राजनीति तेज हो गई है. शनिवार को प्रदेश मुख्यालय में कांग्रेस ने आरोप लगाए कि एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से चुनिंदा वर्गों के वोट काटने का सुनियोजित खेल चल रहा है. इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अमित शर्मा ने ये आरोप लगाते हुए मीडिया के सामने लाइव सबूत भी पेश किया.
यहीं शादी.. फिर बच्चे, लेकिन काट दिया नाम
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अमित शर्मा ने कहा कि कांग्रेस केवल आरोप नहीं लगा रही, बल्कि पुख्ता प्रमाण के साथ सामने आई है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए हैं, उनकी शादी यहीं हुई.. बच्चे यहीं पैदा हुए और वर्षों से वे इसी पते पर रह रहे हैं. इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों ने उनके नाम कटवाने के लिए फर्जी आवेदन दिए.
24 घंटे में जांच नहीं तो एफआईआर की चेतावनी
अमित शर्मा ने आरोप लगाया कि इस पूरी प्रक्रिया में खासतौर पर अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाताओं को टारगेट किया गया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी विधानसभा क्षेत्रों से ऐसे मामलों के सबूत इकट्ठा कर रही है. यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो अगले 24 घंटे में थानों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.
बीएलए-2 की भूमिका पर सवाल, लाइव कॉल से खुलासा
पत्रकार वार्ता के दौरान अमित शर्मा ने एक बीएलए-2 सुमित को फोन लगाया. उन्होंने खुद को अब्दुल बताते हुए फोन पर सवाल किया कि जब वे शिकायतकर्ता को जानते ही नहीं, तो उनके मृत भाई और मां के नाम से फॉर्म-7 कैसे भर दिया गया. बातचीत में यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता शिवनगर, वार्ड 31 का रहने वाला है, जो दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में आता है. जबकि उसने शिकायत भीम नगर क्षेत्र की कर रखी थी.
अधिकारियों पर कराएंगे एफआईआर
अमित शर्मा ने बताया कि इसी तरह एक अन्य व्यक्ति माधव माता मंदिर इलाके में रहता है, लेकिन उसने वार्ड 26 के पुलिस लाइन क्षेत्र की शिकायत कर दी. यह साफ दर्शाता है कि शिकायतकर्ता खुद संबंधित क्षेत्र का निवासी नहीं है, फिर भी मतदाताओं के नाम कटवाने की शिकायत कर रहा है.
चुनाव आयोग से शिकायत और आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है. पार्टी ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की जाएगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा. अमित शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि कटे हुए नाम तत्काल बहाल नहीं किए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी. कांग्रेस का दावा है कि बीएलए-2 और फॉर्म 7 के दुरुपयोग के जरिए मतदाता सूची में हेराफेरी की जा रही है.

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