छिन्दवाड़ा।
आदिवासी गांव भोढियापानी के सरकारी स्कूल के बच्चों के बीच जब राज्यपाल मंगुभाई पटेल टीचर बनकर पहुँचे तो बच्चों ने दिल खोलकर उनके सवालों के जवाब दिए. दरअसल राज्यपाल गांव में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन देखने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने स्कूल पहुंचकर बच्चों से चर्चा भी की. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बच्चों से पूछा कि मैं कौन हूं और यहां क्यों आया हूं? साथ ही बच्चों ने भी सवालों की बौछार कर दी. राज्यपाल ने बच्चों से चर्चा करते हुए कहा कि भारत की राष्ट्रपति भी आदिवासी समाज से हैं. वह छोटे से गांव से आईं थी और पहले वे भी टीचर थीं.
राज्यपाल ने कहा, जिंदगी में टारगेट करो फिक्स, कुछ भी बन सकते हो
उन्होंने बच्चों से कहा कि अगर कुछ पाना है तो उसके लिए हमें अपना टारगेट फिक्स करना होता है. समय से स्कूल आना और स्कूल से समय पर घर जाने के अलावा भी अगर आप समय की कद्र करेंगे तो एक दिन आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे. इसलिए टारगेट फिक्स करके उसके लिए काम करना शुरू करिए.
मध्य प्रदेश की बेटी क्रिकेटर क्रांति गौड़ का दिया उदाहरण
राज्यपाल ने बच्चों से कहा कि क्रांति गौड़ अपनी ही समाज की बेटी है. मध्य प्रदेश के छतरपुर की क्रांति गौड़ ने क्रिकेटर बनकर दुनिया में नाम कमाया है. वह भी ऐसे ही छोटे से परिवार की बेटी है लेकिन उसने अपने लक्ष्य को हमेशा तय रखा और उस पर काम करती गई.
पिछड़ी जाति के विकास के लिए 24 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्यपाल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछड़ी जनजातियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. 3 साल पहले पीएम जनमन योजना शुरू हुई जिसमें जनजाति कल्याण के लिए कई प्रस्ताव किए गए हैं. पूरे भारत में 24 हजार करोड़ रुपए का बजट है ताकि पिछड़ी जनजातियों का सुधार हो सके. मैं लगातार मध्य प्रदेश के ऐसे पिछड़े और जनजाति बाहुल्य जिलों में प्रवास भी कर रहा हूं जहां इसका बदलाव दिख रहा है. राज्यपाल ने पीएम जनमन आवास के हितग्राही के घर पहुंच कर भोजन भी किया.