आजाद समाज पार्टी की संकल्प यात्रा में विवाद, कथावाचकों को लेकर ये क्या बोल गए दामोदर यादव
इटारसी।
जिले के इटारसी में आज़ाद समाज पार्टी की संकल्प यात्रा उस वक्त सियासी तूफान में बदल गई, जब पार्टी नेता दामोदर यादव मंच से पूरी तरह आक्रामक हो गए। दामोदर यादव ने शंकराचार्य सहित कई चर्चित कथावाचकों पर सीधा हमला बोला और जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कथावाचकों को “डकैत” बताते हुए कहा कि ये लोग धर्म के नाम पर जनता की जेब काटने आए हैं। दामोदर यादव यहीं नहीं रुके। उन्होंने कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री, देवकीनंदन ठाकुर, रामभद्राचार्य, प्रदीप मिश्रा और अनिरुद्धाचार्य को खुले मंच से खरी-खरी सुनाई। भाषण के दौरान उनका गुस्सा साफ नजर आया और बयान लगातार तीखे होते चले गए। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार पर भी जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि पाखंडियों के साथ सरकार की दुकान भी बंद की जाएगी। दरअसल दामोदर यादव ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना की मांग को लेकर संकल्प यात्रा पर निकले हैं, लेकिन इटारसी में दिया गया उनका भाषण अब सियासी और धार्मिक विवाद का केंद्र बन गया है।
मीडिया से बातचीत में दामोदर यादव ने आरोप लगाया कि देश की सत्ता बाबा साहेब के संविधान को खत्म करने के प्रयास में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि हमने तय कर लिया है कि न तो संविधान खत्म होने देंगे और न ही बाबा साहेब का अपमान सहेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों से ग्वालियर हाईकोर्ट में बाबा साहेब की प्रतिमा लगाने की मांग की जा रही है, लेकिन वहां उनके पोस्टर तक जलाए जा रहे हैं। इसी के विरोध में संकल्प यात्रा निकाली जा रही है। दामोदर यादव ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 14 मार्च तक अगर प्रतिमा स्थापित नहीं की गई, तो लाखों लोग खुद ग्वालियर पहुंचकर प्रतिमा स्थापित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश को आडंबर और पाखंड की भूमि नहीं बनने दिया जाएगा और कथावाचक अंधविश्वास फैलाकर लोगों को रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से दूर कर रहे हैं।

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