भागीरथपुरा कांड की हाईकोर्ट में सुनवाई, नगर निगम नहीं बता पाया साफ वजह, मंगलवार को 25वीं मौत
इंदौर ।
भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण हुई मौत के मामलों पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच में सुनवाई हुई. इस मामले को लेकर तीन याचिकाए लगी हैं जिस पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नगर निगम से पानी दूषित होने का कारण पूछा जिसपर निगम के वकील पानी दूषित होने और मौत के कारणों की सह वजह नहीं बता पाए.
नगर निगम नहीं बताया पाया घटना की ठोस वजह
हाईकोर्ट ने जब इंदौर नगर निगम से पूछा कि क्या वाकई दूषित पानी पीने के कारण ही मौत हुई हैं? इस पर नगर निगम के द्वारा कई तरह की वजह बताई गईं लेकिन किसी में भी ठोस दावा नहीं किया गया. नगर निगम ने कोर्ट को बताया कि भागीरथपुरा में कई सकरी गलियां है और पानी और ड्रेनेज की लाइन भी साथ-साथ हैं, जिसके कारण कई जगहों पर लीकेज हुए और लीकेज के कारण संभवत: पानी दूषित. इसपर कोर्ट ने दोबार पूछा कि क्या इसे लेकर 100 फीसदी दावा कर रहे हैं कि ऐसा ही हुआ. इसपर निगम के वकील ने कहा कि ड्रेनेज के अलाव और भी कई कारण हैं. कुल मिलाकर इस मामले में इंदौर नगर निगम घटना को लेकर सही-सही जवाब नहीं दे सका.
मौत के आंकड़ों पर अब भी संशय
इंदौर हाई कोर्ट में दूषित पानी पीने के कारण हुई मौतों को लेकर तीन याचिकाएं लगाई गई हैं. याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बगड़िया, मनीष यादव, रितेश ईरानी, अनिल ओझा ने पैरवी की ओर कोर्ट के समक्ष भागीरथपुरा में जो घटनाक्रम घटित हुआ उसको लेकर विभिन्न तर्क रखे. साथ ही नगर निगम पर आरोप लगाए गई कि पिछली सुनवाईयों के बाद निगम द्वारा कुल मौतों के आंकड़े पर भी कोई स्पष्ट स्टेटस रिपोर्ट पेश नहीं की गई. याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि इंदौर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मौत के आकड़े स्पष्ट नहीं किए जाने से अभी भी संशय से बना हुआ है. वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में अबतक कुल 25 मौतें होने का दावा किया जा रहा है.
मंगलवार को हुई 25वीं मौत
हाईकोर्ट में भागीरथपुरा मामले में सुनवाई के बाद मंगलवार को ही एक और पीड़ित ने दम तोड़ दिया. इस मामले में ये 25वीं मौत बताई जा रही है. इस बार भागीरथपुरा के रहने वाले हेमंत गायकवाड़ (51) ने मंगलवार देर रात उपचार के दौरान दम तोड़ दिया. पेशे से ई-रिक्शा चालक हेमंत 22 दिसंबर को दूषित पानी पीकर बीमार पड़ गए थे. उनका इलाज अरविंदो हॉस्पिलट में चल रहा था. स्थानीय लोगों के मुताबिक हेमंत अपने घर में कमाने वाले एकमात्र सदस्य थे और चार बेटियां हैं. फिलहाल कोर्ट ने भागीरथपुरा मामले में विभिन्न पक्षों को सुनने के बाद इस मामले की सुनवाई बढ़ा दी है.लेकिन इंदौर नगर निगम और संबंधित विभाग कोर्ट के समक्ष अब भी यह साफ नहीं कर सके हैं कि भागीरथपुरा में किन कारणों के चलते इतने लोगों की मौत हुई.

Sonu Sood का सवाल: बरगी क्रूज हादसे पर कब रुकेगा मौत का सिलसिला?
IPL में इतिहास रचने की चाह, राहुल बोले- धोनी से प्रेरणा
Swati Maliwal का बयान: मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग
Harbhajan Singh का बयान: जनता के लिए लड़ना था, अब Y सिक्योरिटी पर सवाल
नशे में सदन चलाने का आरोप, Bhagwant Mann पर कांग्रेस-अकाली दल का हमला
‘अनधिकृत लोग स्ट्रांग रूम में घुसे’: Sougata Roy ने जताई चिंता