भोपाल।
इंदौर में दूषित पानी पीने से 16 लोगों की मौत का दावा किया जा रहा है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने ऑफिशियल 4 लोगों की मौत मानी है. इन मौतों के बाद से प्रदेश की जलापूर्ति व्यवस्था सवालों के घेरे में है. कांग्रेस का आरोप है कि राजधानी भोपाल में हालात सुधारने के बजाय महापौर मालती राय गैर जिम्मेदाराना बयान दे रही हैं. जल संकट पर जवाबदेही तय करने के बजाय महापौर का हर सवाल अधिकारियों की ओर टालना विपक्ष के हमलों को और तेज कर रहा है. इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 2019 की कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं.
शुद्ध जल की चिंता अधिकारी करें
भोपाल में मालती राय को महापौर बने करीब साढ़े तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन नगर निगम परिषद अब भी पूरी तरह सक्रिय नजर नहीं आ रही है. इंदौर में दूषित पानी से 16 लोगों की मौत के दावे के बाद जब मीडिया ने भोपाल की जल आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए, तो महापौर के जवाबों में संवेदनशीलता की कमी साफ दिखाई दी. शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे सीवेज मिला पानी सप्लाई होने की शिकायतों पर सवाल किया गया, तो महापौर ने कहा कि "नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर जाकर जांच करें, नोटशीट भेज दी गई है." उन्होंने यह भी कहा कि "अधिकारियों को चिंता करनी चाहिए कि भोपाल की जनता को शुद्ध जल मिले."