रीवा।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सेमरिया नगर परिषद में अध्यक्ष पद के लिए उपचुनाव हुए थे। नए कानून आने के बाद पहली बार अध्यक्ष पद के लिए जनता ने वोट किया था। उसके नतीजे आ गए हैं। नतीजे आने पर बीजेपी को करारा झटका लगा है। सेमरिया नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर कांग्रेस ने कब्जा जमा लिया है।
कांग्रेस को मिली जीत
दरअसल, सेमरिया नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा और पूर्व विधायक केपी त्रिपाठी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। दोनों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार कर रहे थे। बीजेपी की तरफ से आराधना विश्वकर्मा मैदान में थीं। वहीं, कांग्रेस ने पदमा रोहिणी कुश्वाहा को उम्मीदवार बनाया था। चुनाव नतीजे आने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार को जीत मिली है। उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार को 746 वोटों से चुनाव हराया है। यह सेमरिया में बीजेपी के लिए बड़ा झटका है। अभी इस सीट पर बीजेपी का ही कब्जा था।
निधन के बाद हुए उपचुनाव
सेमरिया नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी पर भारतीय जनता पार्टी की रानी विश्वकर्मा नगर परिषद अध्यक्ष निर्वाचित हुई थी लेकिन डेढ़ साल में उनके निधन के बाद उपचुनाव करवाना पड़ा। पहली बार प्रत्यक्ष प्रणाली हुए नगर परिषद अध्यक्ष चुनाव में कांग्रेस ने सेमरिया में बाजी मार ली है। नगर परिषद उपचुनाव बड़ा ही रोचक मुकाबले में था क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ने दिवंगत नगर परिषद अध्यक्ष रानी विश्वकर्मा के बहु अराधना विश्वकर्मा को प्रत्याशी बनाया था लेकिन कांग्रेस पदमा रोहिणी कुशवाहा पर दांव लगाया था। कांग्रेस विधायक अभय मिश्रा जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी।