इंदौर में दूषित पानी से 9वीं मौत:हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मांगी स्टेटस रिपोर्ट; नेता प्रतिपक्ष ने लिखा सीएम को पत्र
इंदौर।
देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से अब तक 9 मौत हो चुकी हैं। बुधवार को पांच माह के अव्यान साहू समेत 4 लोगों ने दम तोड़ा। मासूम की मां का कहना है कि सरकार बच्चों की मौत क्यों नहीं बताती। निश्चित तौर पर और भी बच्चे दूषित पानी का शिकार हुए होंगे। बुधवार को अव्यान साहू समेत जिन लोगों की जान गई, उनमें गोमती रावत (50), उमा कोरी (31) और संतोष बिगोलिया शामिल हैं। दोनों महिलाएं भाऊ गली, भागीरथपुरा की रहने वाली थीं। इससे पहले मंगलवार को नंदलाल पाल (75), उर्मिला यादव (69), उमा कोरी (31), मंजुला पति दिगंबर (74) और सीमा प्रजापत (50) की मौत की जानकारी सामने आई थी। मामले में हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने प्रदेश सरकार से 2 जनवरी तक स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इंदौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इंसानी ने बुधवार सुबह जनहित याचिका दायर कर शहर के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने त्वरित सुनवाई कर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मामले को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। सिंघार ने लिखा कि भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हजारों लोग बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती हैं। 8 लोगों की मौत हो चुकी है। यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सरकार की घोर विफलता का परिणाम है। साल के अंतिम दिन भाजपा सरकार ने नए वर्ष की उमंग और उत्साह को शोक और मातम में बदल दिया। “भाजपा है तो मुमकिन है” यह उसका सबसे क्रूर और अमानवीय उदाहरण है।

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