भोपाल। 
मध्य प्रदेश कांग्रेस में जिला संगठन मंत्रियों की ताज़ा नियुक्तियों को लेकर जोरदार विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा की गई कुछ जिला संगठन मंत्री नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। इसके बाद अब एआईसीसी की मंजूरी मिलने के बाद ही नई नियुक्तियां की जाएंगी।
नियुक्तियां पर लगातार विरोध
जानकारी के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों में कई जिलों में नई नियुक्तियां हुई थीं, जिन पर लगातार विरोध हो रहा था। विरोध का मुख्य कारण यह था कि पहले से नियुक्त जिला अध्यक्ष के ऊपर बिना जानकारी नए जिला संगठन मंत्री बनाये गए। इस पर हरीश चौधरी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी संगठनात्मक नियुक्ति से पहले उनकी अनुमति जरूरी होगी।
बिना अनुमति किए गए सभी नियुक्तियों को रद्द किया
इस आदेश के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशन में उमरिया, जबलपुर शहर, राजगढ़, धार और उज्जैन शहर में की गई नियुक्तियों को निरस्त कर दिया गया। इनमें पुष्पराज सिंह को उमरिया, रितेष गुप्ता बंटी को जबलपुर शहर, राधेश्याम सोमतिया को राजगढ़, परितोष सिंह बंजी को धार और अजय राठौर को उज्जैन शहर का जिला संगठन मंत्री बनाया गया था। प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ किया कि बिना अनुमति किए गए सभी नियुक्तियों को रद्द किया गया है और अब आगे किसी भी जिला स्तर की नियुक्ति के लिए केंद्रीय और प्रदेश स्तर की मंजूरी अनिवार्य होगी।
नेता प्रतिपक्ष ने दी सफाई
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बाद कहा कि इस पर बात हुई है। चूंकि, हरीश जी का ये कहना था कि संगठन महासचिव होना चाहिए। जो कांग्रेस में हमेशा से परंपरा रही है। तो किसी विवाद और आपत्ति नहीं है। उनका कहना था कि संगठन मंत्री ये आरएसएस का शब्द है, ये कांग्रेस का नहीं है। उनकी नियुक्ति कांग्रेस महासचिव के रूप में रहेगी बस इतनी सी बात है।