IAS संतोष वर्मा की विकृत मानसिकता, ब्राह्मण की बेटी... विवादित बयान पर 4 दिन बाद बोले डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला
भोपाल।
ब्राह्मण की बेटी दान में चाहिए...विवादित बयान देकर सुर्खियों में आए IAS संतोष वर्मा के खिलाफ डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल पहली बार खुलकर बोले हैं। विवाद के 4 दिन बाद उन्होंने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि बहन-बेटियों को लेकर आईएएस अफसर द्वारा की गई टिप्पणी उनकी 'विकृत मानसिकता' का प्रतीक है। यह आपत्तिजनक व समाज में विभाजन पैदा करने वाला है। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने अपने X हैंडल पर लिखा कि एक IAS अधिकारी द्वारा 'बहन एवं बेटियों' को लेकर की गई टिप्पणी अत्यंत आपत्तिजनक, असंवेदनशील और समाज में अनावश्यक विभाजन पैदा करने वाली है। किसी भी समाज के बहन एवं बेटियों के विरुद्ध ऐसी टिप्पणी विकृत मानसिकता का परिलक्षण है। शुक्ल ने आगे लिखा कि एक उच्च पद पर बैठे अधिकारी से ऐसे विचार न केवल सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि प्रशासनिक गरिमा पर भी प्रश्न उठाते हैं।
महिलाओं पर ऐसी टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती
सरकार की स्पष्ट मान्यता है कि किसी भी जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी द्वारा मातृशक्ति के विरुद्ध ऐसी टिप्पणी करना सामाजिक समरसता और संवैधानिक मर्यादा दोनों के विरुद्ध है। इस प्रकार की सोच भारतीय संस्कृति और हमारी परंपराओं का भी अपमान करती है। सभी वर्गों का सम्मान हमारी परंपरा का मूल है और किसी भी समुदाय विशेष को लक्षित कर की गई टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती।
आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
डिप्टी सीएम शुक्ल ने आईएएस वर्मा को दिए गए नोटिस को लेकर कहा है कि इसी आधार पर सरकार द्वारा उनसे बयान पर स्पष्टीकरण मांगा गया है जो संतुष्टि प्रदायक न होने पर आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।

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