निधन से पहले ब्रेन डेड वकील का अंगदान, पति ने पहनाया मंगलसूत्र, जमकर रोया, मृतका को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया
इंदौर।
शहर में एक बार फिर मानवता और परोपकार की मिसाल देखने को मिली, जब हाईकोर्ट की एडवोकेट अभिजीता राठौर के परिजनों ने उनके अंगदान के लिए सहमति दी। 38 वर्षीय अभिजीता राठौर, जो उज्जैन की निवासी थीं, का इलाज इंदौर के जुपिटर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में चल रहा था। चिकित्सकों द्वारा संभावित ब्रेन डेथ की सूचना दिए जाने के बाद, राठौर परिवार ने समाज के कल्याण हेतु उनके अंगदान का निर्णय लिया। अभिजीता राठौर के अंगदान के लिए इंदौर का 65वां ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। प्रशासन और पुलिस की टीम ने मिलकर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू किया ताकि अंगों को सुरक्षित और समय पर विभिन्न अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अभिजीता राठौर के अंगदान से कई मरीजों को नया जीवन मिला है। इस प्रक्रिया में मेडिकल टीम, जिला प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और ग्रीन कॉरिडोर सेल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ट्रैफिक विभाग ने विशेष रूट तैयार कर एम्बुलेंस को ग्रीन सिग्नल के माध्यम से बिना किसी बाधा के निर्धारित अस्पतालों तक पहुंचाया। अभिजीता राठौर के इस नेक कार्य से समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। उनके परिवार के इस निर्णय की सराहना पूरे शहर में की जा रही है। जुपिटर स्पेशलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने राठौर परिवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके इस कदम से कई जिंदगियां फिर मुस्कुरा सकेंगी।

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