धीरेंद्र शास्त्री पर दामोदर यादव का हमला: कहा – ‘ठठरी बार देना’ का मतलब जला देना, ये किसी संत की नहीं नालायक की भाषा
भोपाल।
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री 7 नवंबर को दिल्ली के छतरपुर से सनातन एकता पदयात्रा शुरू करने जा रहे हैं। इस यात्रा को रुकवाने के लिए दलित पिछड़ा समाज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव सोमवार को हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। भोपाल में दामोदर यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, धीरेंद्र शास्त्री ने हरियाणा के एक मंच पर मुझे गालियां दीं। मारने की धमकी दी। धीरेंद्र ने कहा कि जो श्रीमान हमारी यात्रा रोकना चाहते हैं, मेरे पास उसका मोबाइल नंबर नहीं है, नहीं तो मैं फोन करके मोबाइल पर ही ठठरी बार देता। दामोदर ने कहा - मैं बुंदेलखंड से आता हूं, ठठरी बार देने का मतलब होता है आदमी को जला देना। किसी नालायक की भाषा ऐसी हो सकती है। वे कहते हैं कि अछूत हमसे दूर हो जा।
यात्रा रोकने की मांग पर शास्त्री ने कहा था- छोड़ेंगे नहीं
दामोदर यादव ने मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा को रोकने की मांग की थी। इस संबंध में राष्ट्रपति को पत्र लिखने और भोपाल में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी भी दी थी। पलटवार करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने बुधवार को हरियाणा में कथा के दौरान कहा था - लोग यात्रा रोकने के लिए कोर्ट जाने की धमकी दे रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि हम बहुत टेढ़े आदमी हैं। उन्हें छेड़ना नहीं चाहिए था, छेड़ा है तो हम छोड़ेंगे भी नहीं। आज वो 20 परसेंट हैं, आप 9 राज्यों में अल्पसंख्यक हो गए। जिस दिन वो 50 परसेंट पहुंच जाएंगे, तो आपके ब्रज में भी वही टोपी वाले दिखाई पड़ेंगे। भारत को बचाना है, अपनी संस्कृति को बचाना है, तो जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठकर हमको सनातनी बनना है।
'शास्त्री देश में सांप्रदायिकता फैलाने का प्रयास कर रहे'
दामोदर यादव ने कहा, बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री एक यात्रा पहले निकाल चुके हैं और फिर से एक यात्रा निकाल रहे हैं, जिसको उन्होंने हिंदू एकता सनातन एकता यात्रा नाम दिया है। उनका कहना है कि हम हिंदू राष्ट्र बनाने को लेकर यह यात्रा कर रहे हैं। हमारे संगठन और भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी का मानना है भारत के संविधान के अनुसार धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। देश को किसी एक धर्म का बनाने के लिए कोई यात्रा करता है तो वह गैर संवैधानिक है और धीरेंद्र शास्त्री इस देश में सांप्रदायिकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।
'शास्त्री हिंदू-मुस्लिम करना चाहते हैं'
दामोदर ने कहा हमारे दलित पिछड़ा समाज संगठन ने 20 तारीख को आज से लगभग 11 दिन पहले राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी थी, ईमेल भी किया था और उनसे आग्रह किया था कि इस यात्रा को रोका जाए। फिर तीन-चार दिन पहले हमने रिमाइंडर भेजा।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान को आप सुनेंगे तो उसे आप समझेंगे कि वह देश में हिंदू-मुस्लिम करना चाहते हैं, सांप्रदायिकता फैलाना चाहते हैं। हिंदुओं को भयभीत करके मुसलमान के प्रति नफरत करने को मजबूर करना चाहते हैं।
यह यात्रा पूरी तरह से सांप्रदायिक है। देश के ताने-बाने को खराब करके समाज को तोड़ने वाली है। राष्ट्रपति जी का दो दिन में कोई जवाब आ जाता है तो ठीक। अगर कोई एक्शन नहीं होता है तो सोमवार को हम इस यात्रा को रुकवाने कोर्ट जाएंगे।
'प्रदेशभर में धीरेंद्र शास्त्री के पुतले जलाएंगे'
दामोदर यादव ने कहा, 2 से 6 नवंबर तक मध्यप्रदेश के दर्जनों जिलों में इस यात्रा के विरोध में धरना प्रदर्शन, आंदोलन और ज्ञापन दिए जाएंगे। पुतला दहन भी किया जाएगा, क्योंकि मैं धीरेंद्र शास्त्री को एक संत नहीं मानता। कोई संत ऐसी भाषा नहीं बोलता। वह धार्मिक कथाओं के माध्यम से उन्माद फैलाने की कोशिश कर रहा है। हम यह तय कर रहे हैं कि कौन से थाने में एफआईआर कराएंगे।

चार्जिंग के दौरान ई-स्कूटी में धमाका: शहडोल में घर जला, शादी का सामान राख