कटनी, सबकी खबर। 
कटनी में बीजेपी कार्यकर्ता नीलेश रजक की हत्या के बाद जो तनावपूर्ण माहौल बना था, उसे जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने बेहद कुशलता और संयम के साथ संभाल लिया। घटना के महज 16 घंटे के भीतर पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया, जिससे शहर में फैले आक्रोश और असुरक्षा का माहौल शांत हो गया। घटना के बाद स्थानीय बीजेपी नेता द्वारा अपने ही सरकार को घेरने के लिए  नेताजी ने कार्यकर्ताओं को व्हाट्सऐप के माध्यम से संदेश भेजकर बड़ी संख्या में एकत्र होने का आह्वान किया था। हालांकि, मुख्यमंत्री और पार्टी संगठन तक यह सूचना पहुंचने के बाद कड़ी नाराज़गी जताई गई। इस बीच पुलिस ने बेहद शांत और रणनीतिक तरीके से कार्रवाई करते हुए देर रात कजरबारा गांव में आरोपियों अकरम खान और प्रिंस जोसेफ को घेर लिया। आत्मसमर्पण के लिए कहने पर दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों आरोपी घायल होकर गिरफ्तार कर लिए गए। आईजी प्रमोद वर्मा, डीआईजी अतुल सिंह, एसपी और एएसपी संतोष डेहरिया ने पूरी स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा और सटीक समन्वय से घटना को संभाला। पुलिस की तेज़ कार्रवाई और शांति बनाए रखने की रणनीति ने कटनी में संभावित उपद्रव को रोक दिया। अब जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी और कार्रवाई पूरी हो चुकी है, स्थानीय नेता की नेतागिरी पर विराम लग गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लिया है।
हत्यारे को बख्शा नहीं जाएगा, कानून व्यवस्था से समझौता बर्दाश्त नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कटनी में दो पक्षों के बीच हुए विवाद में एक व्यक्ति की मृत्यु अत्यंत दुखद है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक-संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों को तुरंत कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने एक आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। सीएम ने कहा कि हाल ही में जबलपुर में आयोजित संभागीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि अपराधी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को कटनी भेजकर शोक-संतप्त परिवार से मिलने तथा संवेदना व्यक्त करने के निर्देश भी दिए हैं।