पन्ना।
पन्ना को हीरों की धरती कहा जाता है. क्योंकि यहां कब किसको हीरे मिल जाएं कहा नहीं जा सकता. यहां की धरती पर चारों तरफ हीरे बिखरे पड़े हैं. यह हीरे कभी भी किसी की किस्मत बदल देते हैं. ऐसा ही मामला फिर सामने आया है, जहां पर महिला को जमीन में पड़ा चमकीला कंकर मिला और उसने उस चमकीले कंकर को हाथ में उठाया और अपने पुत्र को दिखाया तो पता चला कि यह चमकीला कंकर नहीं बेशकीमती हीरा है.
दर्शन के लिए जा रही महिला को जमीन पर मिला हीरा
केश कली यादव पति पूरन यादव निवास ग्राम पंचायत जानवर अपने पुत्र के साथ कृष्णा कल्याणपुर पट्टी में स्थित आत कुंवारी माता मंदिर में दर्शन करने जा रही थीं. तभी दर्शन से पूर्व ही उन्हें रास्ते पर चमकीला कंकर दिखाई दिया, जिससे महिला ने उत्सुकता के साथ उस कंकर को हाथ में उठा लिया और अपने पुत्र कल्याण सिंह यादव को दिखाया. कल्याण सिंह यादव ने उसको देखा और बताया कि यह चमकीला कंकर नहीं है यह हीरा है.
जिसे कंकर समझा वह तो निकला 1.28 कैरेट का हीरा
महिला कैश कली यादव ने बताया कि, ''माता के दर्शन करने जा रहे थे, तभी माता ने दर्शन की पूर्व ही आशीर्वाद दे दिया और आशीर्वाद के रूप में बेश कीमती हीरा दिया है. जिसे 15 अक्टूबर को हीरा कार्यालय पन्ना में जमा करवाया है. हीरे का वजन 1.28 कैरेट है. हीरा मिलने से काफी खुश है इससे जो पैसा मिलेगा वह खेती किसानी में लगाएंगे.''
हीरा कार्यालय में जमा कराया हीरा
पन्ना की रत्नगर्भा धरती हमेशा हीरा उगलती रहती है. उथली हीरा खदान, खेत हीरा खदान तो कभी जमीन पर हीरे पड़े मिलते हैं. जो हीरा कार्यालय में प्रतिवर्ष जमा होते हैं. जो हीरे की शासकीय नीलामी होती है उसमें इन हीरों को बिक्री के लिए रखा जाता है. फिर भारत के कोने-कोने से जैसे गुजरात एवं मुंबई से व्यापारी आते हैं और इन हीरों की उच्चतम बोली लगाकर हीरा खरीद कर ले जाते हैं. जो हीरे की कीमत व्यापारी देकर जाता है उसमें 12% सरकार अपना टैक्स काट के बाकी पैसा हीरा धारक को उसके खाते में ट्रांसफर कर देती है.