भोपाल्। 
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के प्रदर्शन पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में जवाब दिया है। उन्होंने मीडिया से कहा कि जीतू सोयाबीन की बात कर रहे थे और गेहूं का बोरा लेकर आ गए। बता दें कि बुधवार को पटवारी ने भोपाल में प्रदर्शन किया था।
वे और कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक किसानों को साथ लेकर चौहान के बंगले पहुंच गए। जहां उन्होंने भावांतर के स्थान पर भाव (MSP) देने पर चर्चा की थी। मामलों में पटवारी-नायक सहित 25 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है।
शिवराज ने मीडिया से कहा कि मैं तो हर एक का स्वागत करता हूं। वो आए तो मैंने कहा अंदर बुलाओ, बाहर क्यों? लोकतंत्र है मामा सबसे मिलेगा। मैं पंजाब में मिलकर आ गया तो मध्य प्रदेश में मुझे क्या दिक्कत है? अब वो अकेले आए तो मैं बाहर गया ढूंढने के लिए कि किसान कहां हैं। किसानों को भी बुला लो घर में अंदर बिठा लो। मैं खुद बाहर से लेने गया कि आओ भाई आओ. बैठो और बात करो, उसमें क्या दिक्कत है।
मैं तो हर एक की बात सुनता हूं लेकिन बात में वजन हो। वो बात करने आए थे सोयाबीन की और बोरा लेकर आ गए गेहूं का.... और पूरे साजो समान के साथ, दो-दो, तीन-तीन माइक लगाए। उनका किसानों से कोई वास्ता नहीं था। कोई लेना-देना नहीं था। केवल मीडिया में दिखने के लिए नौटंकी करनी थी तो माइक लगाकर किसान किसान चिल्लाएंगे, फिर चले जाएंगे। मैंने कहा बैठो तथ्य दो, तर्क दो।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान का वीडियो X पर शेयर करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने लिखा
प्रिय शिवराज जी, मुझे बहुत दुख के साथ फिर कहना पड़ रहा है कि आपकी बात/बयान में अभी भी उसी फरेब की सियासत है, जिसकी सजा मेरे मध्यप्रदेश के #किसान भुगत रहे हैं। पहले मप्र के मुख्यमंत्री, अब केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में आप असली मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं। अभी प्रदर्शन की समीक्षा, प्राथमिकता नहीं है। जरूरी है, मेरे किसानों के सवाल। मैं जानता हूं कि असल मुद्दों पर आपकी जुबान नहीं चलेगी। क्योंकि, आपमें सच स्वीकार करने का न साहस है और न ही सलीका। इसलिए, आप सच से ऐसे ही परहेज करते रहे। किसान अधिकार की आवाज मेरा लोकतांत्रिक अधिकार है। मैं अपना काम करता रहूंगा! कहीं किसी जरूरी कागज में लिख भी लीजिए। फिर आऊंगा। नए सवाल भी साथ लाऊंगा।