हरदा के एडिशनल कलेक्टर रहे डॉ. नागार्जुन बी. गोंडा पर भ्रष्टाचार का आरोप, मामला पहुँचा EOW
भोपाल।
हरदा जिले में पदस्थ रहे आईएएस अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गोंडा पर गंभीर आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता आनंद जाट ने भोपाल स्थित EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो) में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि एडिशनल कलेक्टर रहते हुए उन्होंने एक सड़क निर्माण कंपनी पाथ कंपनी को कथित रूप से लाभ पहुंचाने के लिए ₹51 करोड़ 67 लाख रुपए के अवैध खनन प्रकरण के फाइन को घटाकर मात्र ₹4032 कर दिया। आनंद जाट ने बताया कि उन्होंने इस मामले की जानकारी मिलने के बाद हरदा कलेक्टरेट से संबंधित फाइलें निकालीं, जिनसे कई गंभीर तथ्य सामने आए। जाट का दावा है कि मामले की फाइल दबाने और साक्ष्य छिपाने के आरोप में एक रीडर संदीप शर्मा को तत्कालीन कलेक्टर आदित्य सिंह द्वारा निलंबित किया गया था। जाट का कहना है कि “इस पूरी कार्रवाई में कई नियमों का उल्लंघन हुआ है। सड़क और जलस्त्रोतों के समीप खनन नहीं किया जा सकता, फिर भी वहां बड़े पैमाने पर खुदाई की गई। गोंडा साहब ने अपने आदेश में इन तथ्यों को पूरी तरह नजरअंदाज कर कंपनी को क्लीन चिट दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले के कुछ महीनों बाद गोंडा दंपति ने भोपाल में करीब चार एकड़ जमीन खरीदी, जिसकी कीमत उनकी आय से कई गुना अधिक है। जाट ने इस जमीन से जुड़े दस्तावेज़ भी EOW को सौंपे हैं। हालांकि, डॉ. नागार्जुन गोंडा ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने पत्रकार सबकी खबर को बताया कि “मैंने कोई लेनदेन नहीं किया है। जमीन पूरी तरह वैधानिक तरीके से खरीदी है और उसकी पूरी कीमत अदा की गई है। इससे पहले 24 सितंबर को “सबकी खबर” चैनल पर इस मुद्दे को उजागर किया गया था, जिसके बाद यह मामला फिर सुर्खियों में है। अब आनंद जाट ने EOW से कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जांच आगे नहीं बढ़ी, तो वे जल्द ही जबलपुर हाईकोर्ट का रुख करेंगे। अब देखना होगा कि EOW इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करती है और क्या हरदा के चर्चित खनन प्रकरण में कोई बड़ा खुलासा सामने आता है।

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