सिया विवाद...:जांच की जद में अब IAS श्रीमन शुक्ला, दिल्ली तलब
एसीएस बर्णवाल व सिया के मौजूदा मेंबर सेक्रेटरी दीपक आर्य रखेंगे पक्ष
भोपाल।
मध्य प्रदेश स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी (एमपी-सिया) में गैर-कानूनी ढंग से 237 पर्यावरणीय मंजूरी जारी करने के प्रकरण की जांच की जद में अब आईएएस श्रीमन शुक्ला भी आए गए हैं। शुक्ला जनजातीय कार्य विभाग में कमिश्नर के पद पर हैं, लेकिन जिस वक्त 237 ईसी जारी की गई थीं, तब आर उमा महेश्वर की छुट्टी पर चले जाने के कारण शुक्ला सिया के प्रभारी मेंबर सेक्रेटरी थे और उन्हीं के हस्ताक्षर से विवादित ईसी जारी हुई थीं। मामले की जांच के लिए गठित केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने बुधवार को श्रीमन शुक्ला को भी दिल्ली तलब कर लिया है।
237 पर्यावरणीय मंजूरियों पर हस्ताक्षर किए थे
गौरतलब है कि सिया चेयरमैन शिव नारायण सिंह चौहान की चार अलग-अलग शिकायती पत्रों में लगाए गए आरोपों और सुप्रीम कोर्ट में लंबित रिट याचिका में जवाब दाखिल करने के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीय पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. अमनदीप गर्ग की अध्यक्षता में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की पहली बैठक 1 अक्टूबर को दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में होगी। इस कमेटी ने 25 सितंबर को मप्र पर्यावरण विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी और सिया की तत्कालीन मेंबर सेक्रेटरी आर. उमा महेश्वरी को अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली बुलाया था। इसके साथ ही सिया के चेयरमैन शिवनारायण सिंह चौहान और सदस्य सुनंदा सिंह रघुवंशी को भी बुलाया था। मंगलवार को कमेटी की ओर से आनन-फानन में एक ओर नोटिस भेजते हुए सिया के प्रभारी मेंबर सेक्रेटरी के रूप में 237 पर्यावरणीय मंजूरियों पर हस्ताक्षर करने वाले आईएएस श्रीमन शुक्ला को भी आरोपी मानकर दिल्ली बुला लिया है।
मामले में 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है सुनवाई
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की इन्वेस्टिगेशन एंड एडमिनिस्ट्रेटिव डिविजन की डायरेक्टर श्रुति राय भारद्वाज ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र भेज कर जानकारी दी है। मप्र पर्यावरण विभाग के मौजूदा एसीएस अशोक बर्णवाल और सिया के मौजूदा मेंबर सेक्रेटरी दीपक आर्य भी कमेटी के समक्ष वस्तुस्थिति रखने दिल्ली जाएंगे। गौरतलब है कि 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में सुनवाई होनी है, जिसमें केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय को तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करनी है। चीफ जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ खुद इस केस की सुनवाई कर रही है। इसलिए फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को 7 अक्टूबर से पहले अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करनी है, जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जा सकता है।

दलाल स्ट्रीट में गिरावट, फिर भी चमका सर्राफा बाजार; जानें सोना-चांदी के भाव
कोशिश करके देख लो”: पाकिस्तान की धमकी पर Rajnath Singh का सख्त संदेश
राघव चड्ढा का बीजेपी में शामिल होने की चर्चा, राज्यसभा सीट पर उठे सवाल
राहगीर युवक ने झोपड़ी में चल रहे भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ किया, मुख्य आरोपी फरार
नासा का ऐतिहासिक आर्टेमिस-2 मिशन: 52 साल बाद इंसानों को चांद के करीब भेजा