भोपाल।
नव दुर्गा में कन्याओं को देवी का रूप मानकर उनको घर-घर में पूजा जाता है, लेकिन ऐसी ही बच्चियां देश में बड़ी संख्या में लैंगिक अपराध का शिकार हो रही हैं. एनसीआरबी (National Crime Records Bureau) के ताजा आंकड़े चिंता में डालने वाले हैं. देश में बच्चों से जुड़े अपराधों में 9.2 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. देश में बच्चों से जुड़े सबसे ज्यादा अपराध मध्य प्रदेश में हुए हैं. जबकि पिछले साल मध्य प्रदेश दूसरे स्थान पर था. मध्य प्रदेश में आंकड़ों के मुताबिक, हर दिन 10 नाबालिग लड़कियों से यौन अपराध हो रहे हैं. वहीं महिला अपराध के मामले में मध्य प्रदेश देश में पांचवे स्थान पर है.
बच्चों से बढ़ रहे अपराध
देश में बच्चों से जुड़े आपराध के आंकड़े चिंताजनक है. आंकड़ों के मुताबिक देश में मध्य प्रदेश बच्चों के मामले में सबसे ज्यादा असुरक्षित प्रदेश बन गया है. मध्य प्रदेश में 2023 में 22 हजार 393 मामले दर्ज किए गए. साल 2022 में मध्य प्रदेश में 20 हजार 415 मामले और साल 2021 में 19173 मामले दर्ज किए गए थे. महाराष्ट्र बाल अपराधों के मामले में दूसरे नंबर पर है. महाराष्ट्र में 22 हजार 390 मामले दर्ज किए गए. उत्तर प्रदेश में 18 हजार 852 बच्चों से जुड़े अपराध हुए. राजस्थान में 10 हजार 577 मामले बच्चों से जुड़े दर्ज किए गए हैं. असम में 10 हजार 174 मामले बच्चों से जुड़े दर्ज किए गए. देश में बच्चों से पाक्सो के तहत कुल 66 हजार 276 मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा मामले उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं. इस मामले में मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर है. मध्य प्रदेश में पाक्सो के तहत 6559 मामले दर्ज किए गए.
पति, रिश्तेदार ही सबसे ज्यादा अपराध
देश में महिला अपराधों के मामलों में 0.7 फीसदी बढ़ोत्तरी हुई है. साल 2023 में देश में 4 लाख 48 हजार 211मामले दर्ज किए गए, जबकि 2022 में 4 लाख 45 हजार 256 मामले दर्ज किए गए थे. देश में सबसे ज्यादा महिला अपराध उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए. महिला अपराधों के टॉप फाइव स्टेट में मध्य प्रदेश का स्थान 5 वां है. रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं को सबसे ज्यादा क्रूरता के जख्म अपने पति, रिश्तेदारों के द्वारा ही मिल रहे हैं. देश में कुल महिला अपराधों में 14 फीसदी मामले दुष्कर्म और 19.8 फीसदी मामले अपहरण के हैं.

  • उत्तर प्रदेश में - 66381 महिला अपराध दर्ज हुए
  • महाराष्ट्र में - 47101 महिला अपराध दर्ज हुए
  • राजस्थान में - 45450 महिला अपराध दर्ज हुए
  • पश्चिम बंगाल - 34691 मामले दर्ज हुए
  • मध्य प्रदेश - 32342 महिला अपराध दर्ज हुए

मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा महिला अपराध से जुड़े मामले भोपाल और इंदौर में दर्ज किए गए, जबकि दोनों शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है. महिला अपराध के मामले में उज्जैन 5 वें स्थान पर है.