छिंदवाड़ा। 
छिंदवाड़ा आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने न्यूटन चिखली नगर परिषद के तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नितिन बिजवे के खिलाफ पद का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। जांच में पाया गया कि उन्होंने सीएमओ रहते हुए नियमों को दरकिनार कर अपने परिवार के सदस्यों की फर्म से करीब 6.50 लाख रुपए का भुगतान करवाया। नितिन बिजवे 9 दिसंबर 2016 से 9 मार्च 2019 तक और 24 जुलाई 2019 से 3 सितंबर 2020 तक न्यूटन चिखली नगर परिषद में सीएमओ पद पर पदस्थ रहे। इस दौरान 23 मार्च 2018 से 9 अक्टूबर 2018 तक की अवधि में उन्होंने कई अनियमित खरीदारी की। जांच में सामने आया कि उन्होंने एमपी ग्रीन इंटरप्राइजेज, यश इंटरप्राइजेज, आरजी इंटरप्राइजेज सहित कई फर्म से खरीदी की, जिनका संचालन उनके ही परिवारजन करते हैं।
एमपी ग्रीन इंटरप्राइजेज की प्रोप्राइटर उनकी पत्नी दीपाली बिजवे, यश इंटरप्राइजेज पिता गुणवंतराव बिजवे और जीआर इंटरप्राइजेज मां शोभा बिजवे के नाम पर है, जिससे खरीदारी की गई है। इन फर्मों को क्रमशः 2 लाख 81 हजार 997 रुपये, 2 लाख 92 हजार 149 रुपये और 61 हजार 15 रुपये का भुगतान किया गया। भुगतान की गई कुल राशि 6 लाख 35 हजार 161 रुपये रही। इस पूरे घोटाले की शिकायत नगर परिषद न्यूटन चिखली की तत्कालीन उपाध्यक्ष सुनीता हरि आठनकर और भाजपा पार्षदों ने की थी। मामला लंबे समय से जांच में था। अब ईओडब्ल्यू जबलपुर ने कार्रवाई करते हुए नितिन बिजवे के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित धारा 7-C, 13-1-A) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू अधिकारियों का कहना है कि आरोपी सीएमओ ने अपने पद का दुरुपयोग कर आपराधिक न्यास भंग किया और बेईमानी से परिजनों को आर्थिक लाभ पहुंचाया। मामले में आगे की विवेचना जारी है।