शूर्पणखा के बाद रावण दहन का विरोध, कोर्ट जाएंगे:ब्राह्मण समाज बोला- दशहरा मैदान पर काली मटकी फोड़ेंगे; आयोजकों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे
इंदौर।
इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस की आरोपी सोनम रघुवंशी मामले में हाईकोर्ट ने शूर्पणखा का पुतला जलाने पर रोक लगा दी है। इसके बाद अब अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज संगठन रावण दहन के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहा है।
संगठन के महामंत्री रूपेश मेहता का कहना है कि रावण को उसके किए की सजा त्रेता युग में मिल चुकी है। बार-बार पुतला जलाकर ब्राह्मण समाज का अपमान किया जा रहा है। मेहता ने कहा- रावण दहन को लेकर विजयादशमी से पहले दशहरा मैदान पर आयोजकों के नाम से काली मटकी फोड़कर विरोध दर्ज कराएंगे। दशहरे से पहले हाईकोर्ट में याचिका भी लगाएंगे। उन्होंने साफ कहा कि रावण को जलाकर बार-बार उसके कर्मों की याद दिलाई जाती है। ब्राह्मण समाज का अपमान किया जाता है। संगठन करीब एक महीने पहले रावण दहन पर रोक लगाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, संघ प्रमुख मोहन भागवत और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिख चुका है।
कोर्ट से ब्राह्मणों काे भी न्याय मिलेगा- संगठन
ब्राह्मण संगठन के महामंत्री रूपेश मेहता का कहना है कि जब सोनम के नाम में रघुवंशी जुड़ा होने के कारण शूर्पणखा के पुतले को जलाने से रोक दिया गया, तो कोर्ट से ब्राह्मणों काे भी न्याय मिलेगा।
ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की कोशिश
मेहता कहते हैं कि बार-बार रावण दहन के नाम पर ब्राह्मण समाज को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस बार हम जहां-जहां भी रावण दहन के कार्यक्रम हो रहे हैं वहां पर आयोजकों के नाम पर काली मटकियां फोड़कर विरोध दर्ज कराएंगे। साथ ही भगवान से आयोजक को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना भगवान से करेंगे।
उज्जैन में लगे थे रावण दहन के विरोध में पोस्टर
करीब 15 दिन पहले उज्जैन के कई इलाकों में रावण दहन के विरोध में पोस्टर लगाए गए थे। महाकाल सेना और अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने रावण दहन का विरोध करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की अपील की थी। महाकाल सेना ने खासतौर पर ब्राह्मणों से अपील की थी कि वे रावण दहन जैसे आयोजनों में हिस्सा ना लें।

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