मंडला। 
कान्हा टाइगर रिजर्व अपनी प्राकृतिक संपदा और जैव-विविधता के साथ-साथ हाथियों के संरक्षण व प्रबंधन के लिए पहचाना जाता है. यहां सालों से प्रबंधन द्वारा हाथियों की देखरेख की जा रही है. इनमें कुछ हाथी देश के मेलों से खरीदकर लाए गए हैं, तो कुछ यहीं पैदा हुए हैं. इन हाथियों के लिए कान्हा प्रबंधन द्वारा विशेष कैंप लगाया गया है, जो 31 अगस्त से 6 सितंबर तक चलेगा. सात दिवसीय रिजुविनेशन कैंप में हाथियों की सेवा की जाएगी.
कान्हा में हाथियों को मिली छुट्टी
रविवार को कान्हा टाइगर रिजर्व में डायरेक्टर रविन्द्र मणि त्रिपाठी ने हाथियों को तिलक लगाकर रिजुविनेशन कैंप का शुभारंभ किया. मुक्की परिक्षेत्र के अंतर्गत औराई मैदान में लगे कैंप में 17 हाथियों को शामिल किया गया है. 6 सितंबर तक चलने वाले इस कैंप में हाथियों को काम से छुट्टी दी गई है. इस दौरान हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा और उनको स्पेशल पौष्टिक आहार दिया जाएगा. साथ ही उनकी नीम और अरंडी के तेल से रोजाना मालिश की जाएगी.
महावत का भी होगा चेकअप
कैंप में हाथियों को साथ महावत और चारा कटर को भी आराम दिया जाएगा. साथ ही उनकी पूरी स्वास्थ्य जांच होगी और मनोरंजन आदि की व्यवस्था की जाएगी. इसके अलावा हाथियों को अतिरिक्त खुराक के रूप में विटामिन, मिनरल्स, केला, मक्का, आम, नारियल, अनानास, पपीता, गुड़ और रोटी आदि परोसे जाएंगे. इस दौरान हाथियों के साथ महावत और चारा कटर पूरी तरह से छुट्टी पर रहते हैं.
कैंप में इस तरह से होगी सेवा
कैंप के दौरान सुबह हाथियों को जंगल से लाकर स्नान कराते हैं. इसके बाद पैरों में नीम का तेल और सिर में अरंडी का तेल लगाकर मालिश की जाती है. फिर उन्हें पौष्टिक फल और अनाज खिलाकर जंगल में छोड़ दिया जाता है. दोपहर में पुनः हाथियों को लाकर नहलाया जाता है और रोटी, गुड़, पपीता व नारियल आदि खिलाया जाता है. इस दौरान हाथियों के रक्त के नमूने लेकर जांच की जाएगी. साथ ही उनके नाखूनों की ड्रेसिंग, पेट के कीड़ों की दवा द्वारा सफाई और आवश्यकता पड़ने पर हाथी दांत की कटाई भी की जाएगी.