सवाल पूछने पर नाराज भाजपा विधायक उषा खटीक ने एक पत्रकार पर दर्ज कराई फर्जी एफआईआर
दमोह।
दमोह की एक महिला विधायक ने एक पत्रकार के खिलाफ फर्जी एफआईआर कराई है इस पत्रकार का दोष यह है कि 13 अगस्त को जब यह भाजपा विधायक उमा खटीक एक तिरंगा यात्रा निकाल रही थी तब वहां के एक स्थानीय पत्रकार केवल एक नहीं चार पांच पत्रकारों ने उनसे कुछ सवाल जवाब किए थे और जिसमें विधायक की काफी फजीहत हुई थी सोशल मीडिया पर खूब वीडियो भी वायरल हुए थे। राष्ट्रगान को लेेकर पूछे गए सवालों पर विधायक की किरकिरी हुई थी। उस बात से माननीय विधायिका इतनी नाराज हुई कि उन्होंने 27 अगस्त को दमोह जिले के पटेरा थाने में पत्रकार जितेंद्र गौतम के खिलाफ तमाम गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करा दी और एफआईआर कराने विधायक नहीं पहुंचीं उन्होंने अपने लेटर पर एक चिट्ठी लिख दी उनके जो प्रतिनिधि है भरत पटेल वो यह शिकायत थाने में कर आए है। एफआईआर में काफी गंभीर धाराएं लगाई गई है। मतलब उन्होंने बाकायदा अपने लेटर पर धाराएं लिख कर भेजी हैं कि यह धारा लगाइ्ए और थाना प्रभारी ने भी विधायक मैडम का हुक्म मानते हुए एफआईआर दर्ज भी कर दी। इसमें जो धारा लगाई हैं वह है। भारतीय न्याय संहिता बीएएस की धारा 296 धारा 351 फिर अनुसूचित जाति जनजाति जो अत्याचार अधिनियम की 1989 की धारा तीन एक ध यह सारी धाराएं लगा भी दी पुलिस ने। अब इसमें मजेदार और सोचने वाली बात यह है कि विधायक जो कह रही हैं पटेरा में एक तिरंगा यात्रा निकाल रही थी और तिरंगा यात्रा के समापन के बाद लगभग 11:30 बजे मैं फला जगह से निकल रही थी तो पत्रकार आ गए ये जितेंद्र गौतम और जबरदस्ती मुझसे सवाल पूछने लगे मैंने सवालों के जो जवाब दिए उसको काटछाट करके मेरी बेइज्जती कर रहे हैं। पत्रकार ने मां की गाली दी विधायक को और यह कहा कि पटरा में दिखना नहीं चाहिए। क्या एक पत्रकार जिससे उनका संवाद हो रहा है, वो इंटरव्यू कर रहा है। क्या वो विधायक को अचानक मां की गाली दे देगा? बड़ा सोचने लेकिन हमारे यहां तो सत्तारूढ़ पार्टी का विधायक जो कहे वो सही उसकी एफआईआर कर ली गई है। लेकिन इनहीं पत्रकार ने भी एसपी को ज्ञापन दिया है। इस पर कोई कारवाई नहीं की जा रही। इस पत्रकार ने भी तमाम जगह पत्र के माध्यम से अपनी शिकायत पहुंचाई हैं। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया हैं कि मेरे खिलाफ ये झूठी एफआईआर हो गई है। उन्होंने 29 अगस्त को एसपी दमोह, मानव अधिकार आयोग दिल्ली, मप्र डीजीपी और कमिश्नर सागर को पत्र भेजा है।

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