• भारत ने कहा- हम अपनी जरूरतों के हिसाब से फैसले करते हैं

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को कहा कि भारत की सरकारी रिफाइनरियों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है। ट्रम्प ने इन खबरों का स्वागत किया है और इसे अच्छा कदम बताया। हालांकि ट्रम्प ने कहा कि उन्हें इन खबरों की सटीकता पर यकीन नहीं है। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत ने अमेरिकी दबाव में रूस से ऑयल खरीदना बंद कर दिया है। इसके बाद शुक्रवार शाम भारतीय विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। हालांकि इसमें यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस दावे में कितनी सच्चाई।
भारत को रूस से तेल खरीदना सस्ता पड़ रहा था
अमेरिका रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस की आय को कम करने के लिए दबाव बना रहा है। भारत, जो दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है, 2022 में रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद से सस्ते रूसी तेल का बड़ा खरीदार रहा है।
दावा- अब भारतीय कंपनियों को कम फायदा
हाल ही में खबरें आईं थी कि भारतीय तेल कंपनियों जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने रूसी तेल की खरीद रोक दी है, क्योंकि छूट कम हो रही है और शिपिंग में दिक्कतें आ रही हैं।
ट्रम्प ने भारत-रूस की इकोनॉमी को डेड कहा
ट्रम्प प्रशासन ने 30 जुलाई को भारत से आयात पर 25% टैरिफ और अतिरिक्त जुर्माना लगाया था। ये टैरिफ 7 अगस्त से लागू होगा। ट्रम्प ने भारत के रूस से तेल खरीदने और पुराने व्यापारिक प्रतिबंधों को इसका कारण बताया। इसके अलावा, ट्रम्प ने इस हफ्ते भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाओं को डेड इकोनॉमी कहकर तीखी आलोचना की थी। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, 'मुझे परवाह नहीं कि भारत रूस के साथ क्या करता है। वे अपनी डेड इकोनॉमी को साथ ले डूबें, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।'