जेन स्ट्रीट व अन्य फर्मों के परिसरों में चल रहा आयकर विभाग का सर्वे
- सेबी अध्यक्ष क्या बोले जानिए
नई दिल्ली। आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार को हेरफेर की आरोपी अमेरिकी स्वामित्व वाली ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट के खिलाफ कथित कर चोरी की जांच के तहत गुरुवार को ब्रोकरेज फर्म नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट के परिसरों में सर्वेक्षण अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार शनिवार को भी यह कार्रवाई जारी रही। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।आयकर विभाग ने जेन स्ट्रीट और कुछ ब्रोकिंग कंपनियों के परिसरों में विभिन्न स्थानों पर सर्वेक्षण अभियान चल रहा है। सूत्रों के अनुसार जेन स्ट्रीट के खिलाफ कथित कर चोरी की जांच के तहत गुरुवार, 31 जुलाई को कुछ ब्रोकिंग कंपनियों के परिसरों में सर्वे अभियान शुरू किया गया। इससे पहले आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार को हेरफेर की आरोपी अमेरिकी स्वामित्व वाली ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट के खिलाफ कथित कर चोरी की जांच के तहत गुरुवार को ब्रोकरेज फर्म नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट के परिसरों में सर्वेक्षण अभियान चलाया। सूत्रों ने बताया कि विभाग जेन स्ट्रीट के खिलाफ सेबी की हालिया कार्रवाई की पृष्ठभूमि में "सत्यापन" की कवायद कर रहा है।
उधर, यह पूछे जाने पर कि क्या सेबी आयकर अधिकारियों के साथ जानकारी साझा कर रहा है और क्या वह जेन स्ट्रीट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले ब्रोकरेज हाउसों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहा है, सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने कहा, "... हर एजेंसी की अपनी सीमाएं और कार्य क्षेत्र होते हैं। जब जानकारी प्राप्त होती है, तो उसे एजेंसियों के बीच साझा किया जाता है। जानकारी काफी हद तक सार्वजनिक डोमेन में है। इसलिए विभिन्न जांच एजेंसियां अपने नियमों के अनुसार अपनी सीमाओं के भीतर काम करती हैं..."
सूत्रों के अनुसार अधिकारी कार्यालय परिसर में सर्वेक्षण के तहत अमेरिकी कंपनी और उसके स्थानीय साझेदारों के खाता बही और कंप्यूटर रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। जेन स्ट्रीट के घरेलू व्यापारिक साझेदार नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट लिमिटेड ने नियामक फाइलिंग में आईटी कार्रवाई की पुष्टि की।
बीएसई को दी गई जानकारी के अनुसार, "आयकर विभाग आज कंपनी के पंजीकृत कार्यालय में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 133ए के तहत सर्वेक्षण कर रहा है। कंपनी अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है और आवश्यक जानकारी साझा कर रही है।"
इसमें कहा गया है कि कंपनी "सामान्य रूप से अपना कारोबार जारी रखे हुए है।" इस बीच, पीटीआई द्वारा जेन स्ट्रीट को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। 3 जुलाई को जारी अंतरिम आदेश में सेबी ने जेन स्ट्रीट (जेएस) को भारी लाभ प्राप्त करने के लिए वायदा एवं विकल्प बाजार के साथ-साथ नकदी में भी दांव लगाकर सूचकांकों में हेरफेर करने का दोषी पाया।
परिणामस्वरूप, सेबी ने हेज फंड को बाजार में प्रवेश करने से रोक दिया तथा 4,843 करोड़ रुपये से अधिक का लाभ जब्त कर लिया। जांच में पाया गया कि जेएस ने जनवरी 2023 से मई 2025 तक की जांच अवधि के दौरान शुद्ध आधार पर 36,671 करोड़ रुपये का लाभ कमाया। हालांकि, 21 जुलाई को, सेबी ने जेन स्ट्रीट को व्यापार फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी, जब कंपनी ने एस्क्रो खाते में 4,843.57 करोड़ रुपये की अनिवार्य राशि जमा कर दी।
2000 में स्थापित, जेन स्ट्रीट ग्रुप एलएलसी वित्तीय सेवा उद्योग में एक वैश्विक स्वामित्व वाली ट्रेडिंग फर्म है। यह अमेरिका, यूरोप और एशिया में अपने पाँच कार्यालयों में 2,600 से ज़्यादा लोगों को रोज़गार देती है और 45 देशों में व्यापारिक गतिविधियाँ संचालित करती है।

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