मां बगलामुखी माता मंदिर 
मां शारदा शक्तिपीठ की झांकियां भी निकलेगी

उज्जैन। श्रावण माह के खत्म होने के बाद श्री महाकालेश्वर भगवान की भादौ माह की सवारी सोमवार को निकलेगी। महाकाल मंदिर से निकलने वाली सवारी के क्रम में पांचवी सवारी 11 अगस्त को शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण से निकलेगी। सवारी में भगवान महाकाल पांच स्वरूप में भक्तों को दर्शन देंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की पंचम सवारी में चार जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल शामिल होगा। इससे पहले मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन किया जाएगा। पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, गजराज पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद शामिल होंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के बाद भगवान को सशस्त्र बल की टुकड़ी सलामी देगी। उसके पश्चात भगवान श्री चंद्रमौलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। अंतिम और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकलेगी।
जनजातीय नृत्य भी होगा
इस बार सवारी में पालकी भजन मंडली के अलावा चार जनजातीय कलाकारों के दल भी प्रस्तुति देंगे। बैतूल से गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से कछियाई लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडौरी के गेड़ी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। सवारी के साथ मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन स्थलों की झांकियां भी शामिल होंगी। इनमें श्री राजाराम लोक ओरछा, मां बगलामुखी माता मंदिर, मां शारदा शक्तिपीठ मैहर और देवीलोक मां श्री बिजासन माता धाम सलकनपुर की प्रतिकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।