मुंबई: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ कांग्रेस द्वारा सोशल मीडिया पर की गई 'गूंगी गुड़िया' की टिप्पणी को लेकर राज्य का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस बयान पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने स्पष्ट किया है कि वे सही समय आने पर इस टिप्पणी का करारा जवाब देंगी। वहीं, इस मुद्दे पर विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने सत्ता पक्ष के रुख पर सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष की आलोचना पर सत्ता की धौंस दिखाना लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का दिया उदाहरण

विवाद पर अपनी सफाई पेश करते हुए कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अतीत में इंदिरा गांधी को भी विरोधी 'गूंगी गुड़िया' कहकर संबोधित करते थे, लेकिन उन्होंने अपने कठिन संघर्ष, जनसेवा और काम के दम पर खुद को एक सशक्त नेता के रूप में स्थापित किया। वडेट्टीवार ने कहा कि आज भी मौका है, इसलिए आलोचना से डरने के बजाय काम करके और संघर्ष के बल पर खुद को साबित किया जाना चाहिए।

एनसीपी के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस का पलटवार

सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों को वडेट्टीवार ने कायरतापूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि अगर सत्ताधारी दल में वाकई हिम्मत होती तो वे कायरों की तरह कांग्रेस कार्यालय में घुसने के बजाय जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों के साथ जाकर खड़े होते। उन्होंने यह भी कहा कि वे गांधीवादी विचारधारा के समर्थक हैं और सत्ता का सहारा छोड़कर सामने आने वालों का स्वागत फूलों से करने को तैयार हैं।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार से सवाल

राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए वडेट्टीवार ने हालिया जन आंदोलनों का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जब देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा था और उनके आवाज को दबाया जा रहा था, तब यह सत्ताधारी गठबंधन कहां गायब था। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता के इस विवादित बयान के बाद से ही एनसीपी और उसके सहयोगी दल कांग्रेस पर लगातार हमलावर बने हुए हैं।