शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत, IT और सर्विसेज सेक्टर पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के मध्य में कारोबारी सत्र की शुरुआत गिरावट के साथ लाल निशान में हुई। शुरुआती घंटों में बाजार पर बिकवाली का दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया, जिससे प्रमुख सूचकांक नीचे आ गए।
शुरुआती कारोबार और प्रमुख सूचकांकों की स्थिति
सुबह के समय सेंसेक्स में बड़ी कमजोरी दर्ज की गई और यह महत्वपूर्ण स्तरों से नीचे खिसक गया। इसी प्रकार, निफ्टी भी नुकसान के साथ कारोबार करता नजर आया। शुरुआती सत्र में बाजार की चाल मुख्य रूप से आईटी और सर्विसेज सेक्टर के कमजोर प्रदर्शन से प्रभावित हुई, जो इस दौरान सबसे बड़े नुकसान वाले क्षेत्र रहे। इनके अलावा वित्तीय सेवाओं, रियल्टी, ऑटो, बैंक और एफएमसीजी समेत अधिकांश सेक्टरल इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।
किन शेयरों को लाभ और किसे नुकसान
कारोबार के दौरान चुनिंदा शेयरों में खरीदारी देखने को मिली जबकि बड़े दिग्गजों में बिकवाली हावी रही। ऊर्जा, हेल्थकेयर, फार्मा, मेटल और कमोडिटीज से जुड़े शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, सूचकांक के कई प्रमुख शेयर जैसे दिग्गज आईटी कंपनियां, बैंकिंग स्टॉक और ऑटोमोबाइल सेक्टर के शेयर भारी बिकवाली के चलते नुकसान में रहे।
वैश्विक बाजारों का मिलाजुला रुख
घरेलू बाजार के विपरीत एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और सोल के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि जकार्ता के बाजार में कमजोरी दर्ज की गई। इससे पहले अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स और नैस्डैक दोनों सूचकांक लाल निशान में बंद हुए थे।
बाजार पर भू-राजनीतिक तनाव और आईपीओ का असर
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में बाजार के सामने दो प्रमुख बाधाएं हैं। पहली बाधा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण वजह आईपीओ बाजार में आ रही जबरदस्त तेजी है, जिसके कारण मुख्य बाजार से तरलता (लिक्विडिटी) कम हो रही है। इस वर्ष आईपीओ में बेहतर लिस्टिंग गेन मिलने के कारण खुद के साथ-साथ संस्थागत निवेशक भी प्राइमरी मार्केट की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिसका असर मुख्य सूचकांकों की चाल पर साफ दिखाई दे रहा है।

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