लखनऊ| उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंगलवार को मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिला। बीते दो दिनों के दौरान पुन: सक्रिय हुए मानसून के प्रभाव से पूर्वी और पश्चिमी दोनों संभागों में कहीं हल्की तो कहीं भारी वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश में सबसे अधिक बारिश कन्नौज जिले में 125 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बहराइच में 104 मिमी, इटावा में 100 मिमी, अयोध्या में 94.8 मिमी, लखीमपुर खीरी में 81.6 मिमी और कानपुर में 75 मिमी बारिश दर्ज हुई। इस झमाझम बरसात से तापमान में भारी गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।

मौसम विभाग की चेतावनी: कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए प्रदेश के 12 जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 42 अन्य जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बुधवार और गुरुवार को भी प्रदेश के तमाम इलाकों में लगातार बारिश जारी रहने की पूरी संभावना है।

क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि 5 से 7 अगस्त के दौरान उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी मानसूनी बरसात होगी, जिसके बाद बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी आने की उम्मीद है।

  • भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, हमीरपुर एवं आसपास के क्षेत्र।

  • भारी बारिश का येलो अलर्ट वाले जिले: प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, शामली, बागपत, मेरठ, कासगंज, एटा, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, महोबा एवं उससे सटे इलाके।

राजधानी में सीजन की पहली ही बारिश में खुली नगर निगम की पोल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को हुई इस सीजन की पहली झमाझम बारिश ने नगर निगम के नालों की सफाई और जल निकासी के दावों की पोल खोलकर रख दी। आशियाना, अलीगंज और गोमतीनगर समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में मुख्य सड़कें और गलियां पानी से लबालब भर गईं। कई रिहायशी घरों में बारिश का गंदा पानी घुस जाने के कारण लोगों के घरेलू सामान और गृहस्थी को भी काफी नुकसान पहुंचा। हालांकि, दोपहर बाद मौसम साफ हो गया, जिससे बड़ी आपदा टल गई, लेकिन बारिश रुकने के बाद जलभराव की निकासी के लिए प्रशासनिक अमले को भारी मशक्कत करनी पड़ी।

सोमवार रात से रुक-रुक कर शुरू हुई बारिश मंगलवार को और अधिक तेज हो गई। इसके चलते गोमतीनगर के भरवारा अंडरपास में कई फीट पानी भर जाने से राहगीरों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और पानी के बीच कई दोपहिया वाहन बंद हो गए। स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम को पंप लगाकर पानी बाहर निकालना पड़ा।

इसी तरह गोमतीनगर के तखवा व मड़ियांव क्षेत्र में कई घरों के भीतर पानी घुस गया। आशियाना के सेक्टर-एम, एल और खजाना चौराहे के पास नाला ओवरफ्लो होने से सड़कें दरिया बन गईं और लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा। विभूति खंड में किसान बाजार के सामने जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह चोक होने से भारी जलभराव हो गया। अलीगंज की एलकेएस कॉलोनी, सरोजनीनगर के गौरी बाजार, भूतनाथ बाजार और अलीगंज सेक्टर-ओ में भी लोगों को जलभराव से जूझना पड़ा।

सड़क धंसने से फंसी ट्रैक्टर-ट्रॉली

फैजुल्लागंज की कृष्णा लोक कॉलोनी में सीवर लाइन डालने के बाद सड़क की उचित मरम्मत न किए जाने के कारण मैनहोल के पास अचानक सड़क धंस गई। इस गड्ढे में निर्माण सामग्री लेकर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली फंस गई, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए यातायात जाम की स्थिति बनी रही।

राजधानी के इन प्रमुख स्थानों पर भी रहा भयंकर जलभराव:

  • सीतापुर रोड स्थित ताड़ीखाना क्षेत्र में नाले पर अवैध कब्जे के कारण मुख्य मार्ग का पानी नहीं निकल सका।

  • गोमतीनगर में जनेश्वर मिश्र पार्क गेट नंबर-2 के पास सड़क पर भारी जलभराव रहा।

  • कृष्णानगर के आसाराम बापू रोड पर दो फीट से अधिक पानी भरा रहा।

  • कैसरबाग में मरकज मस्जिद के आसपास सीवर ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल गया।

  • इंदिरानगर के सी ब्लॉक, नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र और ट्रांसपोर्टनगर मेट्रो स्टेशन के पास भी जलभराव ने लोगों को परेशान किया।

  • गोमतीनगर विस्तार के विक्रांत खंड, एमिटी यूनिवर्सिटी के पास गौरवकुंज कॉलोनी, जानकीपुरम, जानकीपुरम विस्तार तथा रायबरेली रोड स्थित वृंदावन कॉलोनी (सेक्टर-बी) में भी लोगों को जलभराव की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा।