सूरत। सूरत जिले के गोदावड़ी गांव में 22 वर्षीय कंप्यूटर इंजीनियर निधि पटेल की निर्मम हत्या के एक हफ्ते बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। 24 अगस्त की सुबह घर की छत पर मिले शव की स्थिति से स्पष्ट है कि युवती की हत्या मोबाइल चार्जर के केबल और शॉर्ट्स की डोरी से गला घोंटकर की गई थी, साथ ही दो प्लास्टिक थैलियों से उसका मुंह बांध दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित 60 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) भी अब तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।

परिचित पर गहराया संदेह, जबरन प्रवेश के सबूत नहीं

पुलिस जांच में कई ऐसे बिंदु सामने आए हैं जो हत्यारे के परिचित होने की ओर इशारा करते हैं:

  • जबरन प्रवेश के निशान नहीं: घर में किसी बाहरी व्यक्ति के जबरन घुसने के कोई सबूत नहीं मिले हैं।

  • दरवाजों की स्थिति: घटना के बाद घर का मुख्य (सामने का) दरवाजा अंदर से बंद मिला, जबकि पीछे का दरवाजा खुला हुआ पाया गया।

  • अकेली थी युवती: वारदात के समय निधि घर पर अकेली थीं, क्योंकि उनके माता-पिता तीर्थयात्रा पर गए हुए थे। यात्रा से लौटने के बाद ही परिजनों को इस जघन्य हत्याकांड का पता चला।

यौन शोषण की आशंका और बर्बरता

पोस्टमार्टम व प्राथमिक जांच में सामने आई बर्बरता ने जांच एजेंसियों को झकझोर दिया है:

  • गंभीर चोटें: मृतका के निजी अंगों पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे हत्या से पूर्व यौन शोषण की प्रबल आशंका जताई जा रही है।

  • सांस रोककर हत्या: आरोपी ने सुनिश्चित करने के लिए कि आवाज बाहर न जाए, चार्जर के तार से गला घोंटने के साथ-साथ चेहरे को दो प्लास्टिक की थैलियों से बांध दिया था।

एसआईटी कर रही तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल

शुरुआती जांच मांडवी पुलिस द्वारा किए जाने के बाद सूरत एसपी राजेश गाढ़िया ने एएसपी अक्षेश इंजीनियर के नेतृत्व में 60 पुलिसकर्मियों की एसआईटी गठित की है:

  • डिजिटल फॉरेंसिक: जांच टीम निधि के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), हालिया संदेशों और मैसेजिंग ऐप्स की चैट खंगाल रही है।

  • फिंगरप्रिंट और फॉरेंसिक साक्ष्य: क्राइम सीन से मिले फिंगरप्रिंट्स और वैज्ञानिक साक्ष्यों का मिलान संदिग्धों से किया जा रहा है।

  • गोपनीयता बरकरार: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस संदिग्धों के नाम सार्वजनिक नहीं कर रही है और संभावित सुरागों के आधार पर लगातार दबिश दे रही है।