मुंबई। महाराष्ट्र में हिजाब और बुर्के को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। राज्य सरकार में मंत्री नितेश राणे ने एक बयान में कहा कि यदि सार्वजनिक स्थलों पर हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठती है, तो राज्य की हिंदुत्व विचारधारा वाली सरकार इस पर सकारात्मक रूप से विचार कर सकती है। उनके इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है।

सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिबंध की मांग पर विचार के संकेत

एक साक्षात्कार के दौरान नितेश राणे ने राज्य सरकार की वैचारिक प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए कहा:

  • प्रस्ताव पर विचार: सरकार पूर्व में भी हिंदुत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर कड़े निर्णय ले चुकी है। यदि भविष्य में सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब या बुर्के पर रोक लगाने का कोई प्रस्ताव या मांग सामने आती है, तो सरकार उस पर विचार करने के लिए तैयार है।

  • विदेशी नियमों का तर्क: राणे ने तर्क दिया कि कई मुस्लिम बहुल देशों में भी हिजाब और बुर्के को लेकर कड़े नियम और प्रतिबंध लागू हैं, ऐसे में भारत में सार्वजनिक स्थलों पर इसके नियमन पर खुली चर्चा होनी चाहिए।

कूपर अस्पताल विवाद और सुरक्षा संबंधी दावे

मुंबई के कूपर अस्पताल में बुर्के को लेकर उपजे विवाद का संदर्भ देते हुए उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही:

  • पहचान छिपाने का आरोप: राणे ने दावा किया कि कई मामलों में पहचान छुपाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग, कथित फर्जी मतदान और बच्चों के अपहरण जैसी घटनाओं की आशंका जताई, हालांकि इसके समर्थन में कोई आधिकारिक डेटा प्रस्तुत नहीं किया।

  • सुरक्षा कदम: उनका कहना था कि अस्पतालों अथवा अन्य संवेदनशील सार्वजनिक संस्थानों में सुरक्षा और अवांछित गतिविधियों की रोकथाम के लिए उठाए जाने वाले कदमों का विरोध नहीं होना चाहिए।

विपक्ष और ठाकरे परिवार पर तीखा हमला

राणे ने कांग्रेस, उद्धव ठाकरे गुट और मनसे पर तीखे राजनीतिक हमले बोले:

  • विपक्ष के रुख पर सवाल: उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल अल्पसंख्यक मुद्दों पर जितनी मुखरता दिखाते हैं, बहुसंख्यक हिंदू समाज से जुड़े विषयों पर चुप्पी साध लेते हैं। अहिल्यानगर में तिलक लगाने को लेकर हुई कथित युवक की हत्या के मामले का उदाहरण देते हुए उन्होंने विपक्ष के धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण पर सवाल उठाए।

  • अमित ठाकरे पर टिप्पणी: मनसे नेता अमित ठाकरे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि केवल बयानों से राजनीति नहीं चलती। उन्होंने दावा किया कि बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा से भटकने वाले नेताओं को जनता पहले ही नकार चुकी है।

नितेश राणे ने दोहराया कि राज्य पुलिस किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की चुनौती से निपटने में सक्षम है और देश विरोधी तत्वों के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी।