अंबाला: अंबाला से सामने आई एक बड़ी खबर के अनुसार, हरियाणा बागवानी विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और गबन का मामला उजागर हुआ है।

13 साल बाद विजिलेंस ब्यूरो ने दर्ज किया गंभीर धाराओं में केस

वर्ष 2006-07 से 2012-13 के बीच की अवधि में हुए कथित भ्रष्टाचार के मामलों की जांच के बाद, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (विजिलेंस) ने 13 साल लंबे अंतराल के बाद अब तत्कालीन अधिकारियों पर औपचारिक मामला दर्ज किया है।

इन प्रमुख अधिकारियों के खिलाफ की गई है सख्त कार्रवाई

विजिलेंस द्वारा दर्ज किए गए इस मुकदमे में तत्कालीन जिला बागवानी अधिकारी प्रेम सिंह संधू, एचओडी सुरेश कुमार, डीपी शर्मा, राजकुमार राणा और अकाउंटेंट पूर्ण सिंह को आरोपी बनाया गया है।

सरकारी रिकॉर्ड में कागजी बाग और सब्सिडी दिखाकर किया गया फर्जीवाड़ा

जांच में खुलासा हुआ है कि गड़बड़ी केवल खरीद तक सीमित नहीं थी, बल्कि कागजों में बाग लगाने, किसानों को सब्सिडी देने और योजनाएं पूर्ण दिखाने के बावजूद धरातल पर कुछ भी नहीं मिला, जिसमें कुल 26 बिंदुओं पर गंभीर आरोप तय किए गए हैं।