• कृषि, नवाचार, लॉजिस्टिक्स और निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक अनुभवों का अवलोकन

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी स्पेन यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में आयोजित 'इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम' में मध्यप्रदेश को भविष्य का ग्लोबल ग्रोथ इंजन बताया। उन्होंने विदेशी निवेशकों से राज्य की प्रगतिशील नीतियों, स्थिर नेतृत्व और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में हो रहे विकास को साझा किया और दीर्घकालिक साझेदारी के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान तकनीक, पर्यटन, टेक्सटाइल और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते भी हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को अपनी स्पेन यात्रा के तीसरे दिन बार्सिलोना में आयोजित 'इन्वेस्ट इन एमपी बिजनेस फोरम' को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश को भविष्य का “ग्लोबल ग्रोथ इंजन” बताया। उन्होंने निवेशकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए राज्य की उद्योग-अनुकूल नीतियों, सरल प्रक्रियाओं और स्थिर नेतृत्व का उल्लेख किया। डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 18 डेडिकेटेड सेक्टर-वार नीतियां लागू की गई हैं। उन्होंने कहा कि हम निवेशकों की जरूरत को समझते हैं और उन्हें पूरी तरह से सपोर्ट करना हमारी नीति है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वर्ष 2026 को भारत-स्पेन सांस्कृतिक सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें कला, साहित्य और फिल्म से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) और स्पेन की कंपनी सबमर टेक्नोलॉजीज के बीच डिजिटल ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में बार्सिलोना की नवाचार परंपरा की सराहना की और कहा कि जैसे बार्सिलोना संस्कृति और विकास का मॉडल बना है, उसी तरह मध्यप्रदेश भी विरासत से आगे बढ़कर वैश्विक विकास केंद्र बनने की राह पर है। उन्होंने 'इंडिटेक्स' जैसी कंपनियों से मिलकर मध्यप्रदेश के कॉटन की गुणवत्ता की चर्चा की और कहा कि मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी उत्पादन में तेजी से अग्रणी बन रहा है।
डॉ. यादव ने कहा कि हमारे राज्य में 32 लाख से ज्यादा सोलर पंप किसानों को वितरित कर ग्रीन एनर्जी में अग्रणी राज्य बनना चाहते हैं। उन्होंने भारत सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 80 करोड़ से अधिक लोगों को मुफ्त राशन और करोड़ों को आवास जैसी सुविधाएं दी गई हैं। उन्होंने कहा कि हम साझेदारी के नए आयाम खड़े कर रहे हैं, सिर्फ निवेश नहीं बल्कि दीर्घकालीन संबंध बनाना चाहते हैं। इस अवसर पर स्पेन में भारत के महावाणिज्यदूत इंबासेकर सुंदरमूर्ति ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली ही बैठक में एमओयू साइन होना मध्यप्रदेश की कार्यशैली को दर्शाता है। उन्होंने इंदौर की स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को वैश्विक निवेशकों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

एसीएस संजय दुबे ने मध्यप्रदेश को भारत का नया टेक हब बताया और कहा कि टेक्नोलॉजी आधारित निवेश के लिए अलग-अलग क्षेत्रीय नीतियां लागू की गई हैं, जिसमें ड्रोन, एवीजीसी, आईटी और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। जल्द ही 'स्पेस टेक नीति-2025' भी लागू की जाएगी। प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि मध्यप्रदेश में हॉस्पिटैलिटी, वेलनेस और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। राज्य की आध्यात्मिक विरासत और नर्मदा नदी के तट पर स्थित स्थल निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं, प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश एक भरोसेमंद निवेश गंतव्य है। उन्होंने बताया कि  वर्ष 2024 में भारत से स्पेन को 5.93 बिलियन यूरो का निर्यात हुआ, जिसमें मध्यप्रदेश का योगदान 58.5 मिलियन यूरो का रहा। यह हमारी निर्यात क्षमता और वैश्विक बाजार की मांग के प्रति तत्परता को दर्शाता है। विशेष रूप से ऑर्गेनिक केमिकल्स, इलेक्ट्रिकल मशीनरी और वस्त्र जैसे क्षेत्र इसमें अग्रणी हैं।